श्रीगंगानगर। राष्ट्रीय आयुष मिशन एवं आयुर्वेद विभाग राजस्थान द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से 10 दिवसीय अर्श-भगन्दर निःशुल्क क्षारसूत्र चिकित्सा शिविर सनातन धर्म मंदिर एल ब्लॉक हनुमान मंदिर में 6 फरवरी तक जारी रहेगा।
शिविर प्रभारी डॉ. राजकुमार पारीक ने बताया कि 28 जनवरी से जारी शिविर में अर्श-भगन्दर के 25 रोगियों की आयुर्वेदीय क्षारसूत्र (आयुर्वेदिक औषधि निर्मित धागा) विधि से शल्य चिकित्सा की जा चुकी है। 112 अर्श-भगन्दर के रोगियों ने अब तक पंजीकरण करवाया है। पंजीयन का कार्य 1 फरवरी तक रहेगा। पंजीकरण के बाद रोगी की खून आदि की निःशुल्क जांचें, परीक्षण आदि करने के बाद क्षारसूत्र विधि से शल्य चिकित्सा की जायेगी।
शुक्रवार को निदेशालय आयुर्वेद विभाग के संभाग प्रभारी डॉ. मोहन सिंह मीणा उप निदेशक, संभागीय अतिरिक्त निदेशक डॉ. राधेश्याम एवं संभागीय सहायक निदेशक डॉ. जितेन्द्र सिंह भाटी ने शिविर स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं के लिये संतुष्टि जाहिर की। भर्ती रोगियों एवं ओपीडी में आये रोगियों से फीडबैक लिया।
संभागीय अतिरिक्त निदेशक ने शिविर में एसओपी की पालना एवं स्वच्छता के लिये संतोष व्यक्त किया एवं कार्यरत् स्टॉफ का मनोबल बढ़ाया। उपनिदेशक डॉ. कृष्ण चन्द्र अरोड़ा ने अधिकारियों को शिविर के बारे में जानकारी दी।
अर्श-भगन्दर एवं अन्य गुदा रोगियों के पंजीकरण, जांच, क्षारसूत्र चिकित्सा शिविर अविधि तक जारी रहेगा। अव्यवस्था एवं अनावश्यक परेशानी से बचने के लिये शीघ्र ही रोगी अपना पंजीयन करवाकर उपलब्ध सेवाओं का लाभ लेवें। सहायक शिविर प्रभारी डॉ. जितेन्द्र कुमार ने बताया कि स्त्रीरोग एवं अन्य ओपीडी में परामर्श व औषधि से आज 198 रोगियों को लाभान्वित किया गया।