श्रीगंगानगर। जिला कलक्टर डाॅ. मंजू एवं जिला पुलिस अधीक्षक श्री हरिशंकर के नेतृत्व में जारी नशा मुक्त श्रीगंगानगर अभियान के तहत जैन आईटीआई कॉलेज में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से श्री विक्रम ज्याणी ने विद्यार्थियों को नशे के खिलाफ एक मजबूत संदेश दिया और कहा कि नशा केवल एक आदत नहीं, बल्कि एक ऐसी साजिश है, जो युवाओं के सपनों, परिवारों की खुशियों और देश के भविष्य को खत्म कर रही है। अगर युवा जागरूक हो जाएं, तो इस साजिश को जड़ से खत्म किया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे खुद को नशे से दूर रखते हुए दूसरों को भी जागरूक करें। उन्होंने कहा कि देश को आपकी जरूरत है। आपकी एक सही सोच और एक छोटा कदम न केवल आपकी जिंदगी बचा सकता है बल्कि कई परिवारों को बर्बाद होने से भी रोक सकता है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से बताया गया। उदाहरणों और वास्तविक घटनाओं के माध्यम से यह समझाया गया कि कैसे नशा व्यक्ति को मानसिक, शारीरिक और सामाजिक रूप से खोखला कर देता है। कार्यशाला में यह भी बताया गया कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। विद्यार्थियों ने भी इस विषय पर खुलकर अपने विचार रखे और नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। कॉलेज प्रिंसिपल श्री विजेंदर स्वामी ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं को सही दिशा देने में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थी न केवल स्वयं जागरूक होंगे बल्कि समाज में भी सकारात्मक बदलाव लाने में भूमिका निभाएंगे। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित विद्यार्थियों ने नशा मुक्त रहने और दूसरों को भी प्रेरित करने की शपथ ली। पुलिस कांस्टेबल श्री प्रवीण कुमार ने मानस हेल्पलाइन 1933, साइबर सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों के लिए युवाओं को जागरूक किया।