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एडीजे ने शिविर में दी साइबर अपराध व साइबर दुर्व्यवहार की जानकारी

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07 Apr 26
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एडीजे ने शिविर में दी साइबर अपराध व साइबर दुर्व्यवहार की जानकारी

श्रीगंगानगर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर द्वारा निर्देशित टांसफोरमेटिव टयूज्डे के तहत राजस्थान के युवाओं को सशक्त बनाना एक कानूनी साक्षरता पहल 2026 के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री रवि प्रकाश सुथार (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश) श्रीगंगानगर द्वारा मंगलवार को साइबर सुरक्षा एवं जागरूकता पर डीएवी सीनियर सैकंडरी स्कूल श्रीगंगानगर में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
      शिविर के दौरान एडीजे श्री रवि प्रकाश सुथार ने स्कूल के छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए साइबर सुरक्षा व साइबर दुर्व्यवहार विषय पर बताया कि मोबाईल फोन, इंटरनेट, सोशल मीडिया या किसी भी ऑनलाईन प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसी को परेशान करना, अपमानित करना, धमकाना या मानसिक रूप से चोट पहुँचाना साइबर दुर्व्यवहार की श्रेणी में आता है। कई बार कोई व्यक्ति बच्चे के नाम और फोटो का उपयोग करके सोशल मीडिया या फर्जी अकाउंट बना देता है, उस अकाउंट से गलत बातें पोस्ट की जाती हैं। ऐसे मैसेज भेजे जाते हैं, जिससे बच्चे की छवि खराब हो सकती हैै और विश्वास टूट सकता है।
इसके साथ ही एडीजे श्री सुथार ने ऑनलाइन गेमिंग के खतरे के रूप में बताया कि ऑनलाइन गेम बच्चों में बहुत लोकप्रिय हैं लेकिन कुछ गेम में गाली-गलौच और अजनबी लोगों का खतरा होता है। कई गेम में वॉइस चैट होती है, जहाँ साइबर क्रिमिनल अजनबी बच्चों से बात कर सकते हैं । बच्चे से संबंधित संपूर्ण जानकारी जैसे उनके घर का पता, मोबाइल नंबर आदि पता कर सकते हैं। कुछ अपराधी गेम के जरिये दोस्ती करके बाद में बच्चे को फँसाने की कोशिश करते हैं।
शिविर के दौरान एडीजे श्री सुथार ने बताया कि साइबर दुर्व्यवहार होने की स्थिति में बच्चों को समझदारी से बिना डर के काम करना चाहिए। किसी से बहस नहीं करनी चाहिए। बच्चों को तुरंत स्क्रीनशॉट लेना चाहिए। सबूत बहुत जरूरी होती है। ऐसी स्थिति में बच्चों को तुरंत माता-पिता, शिक्षक या किसी भरोसेमंद बड़े व्यक्ति को बताना चाहिए। शर्म के कारण इसे छुपाना नहीं चाहिए। बच्चों को ऐसे अपराधियों को ब्लॉक करना चाहिए और उस अकाउंट को प्लेटफॉर्म पर रिपोर्ट करना चाहिए। यदि मामला गंभीर हो तो साइबर पुलिस या संबंधित विभाग के पास शिकायत करनी चाहिए। इस दौरान साइबर अपराध होेने की स्थिति में बच्चों को हेल्पलाईन नम्बर 1930 की भी जानकारी दी गई।
      शिविर के दौरान चीफ एल.ए.डी.सी. श्री रोहताश यादव तथा डीएवी सीनियर सैकंडरी स्कूल से पिं्रसिपल श्री धर्मपाल शर्मा आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मंच संचालन लीगल एड डिफेंस काउंसिल श्री अमन चलाना द्वारा किया गया।


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