श्रीगंगानगर। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जल संरक्षण को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाने के अटूट संकल्प के अनुरूप देशभर में संचालित “जल संचय-जन भागीदारी” अभियान राजस्थान में व्यापक जनआंदोलन का रूप ले चुका है। जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत संचालित यह अभियान ‘कैच द रेन’ पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य जन-सहभागिता, कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी तथा स्थानीय समुदायों के सहयोग से जल संरक्षण को बढ़ावा देना और भूजल स्तर में सुधार सुनिश्चित करना है।
प्रदेश में माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के दूरदर्शी नेतृत्व एवं प्रभावी मॉनीटरिंग के कारण जल संचय जन भागीदारी अभियान को अभूतपूर्व गति मिली है। मुख्यमंत्री श्री शर्मा की मंशानुसार जल संचय क्षमता बढ़ाने एवं भूजल पुनर्भरण हेतु विभिन्न प्रकार की जल पुनर्भरण संरचनाओं का निर्माण बड़े स्तर पर किया जा रहा है। जल संसाधन विभाग द्वारा अन्य विभागों के समन्वय से अभियान का प्रभावी संचालन किया जा रहा है, जिससे प्रदेश में जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां प्राप्त हुई हैं। अभियान के तहत वर्षा जल के अधिकतम संरक्षण तथा भूजल स्तर में वृद्धि करने के लिए विभिन्न प्रकार की जल पुनर्भरण संरचनाओं का निर्माण एवं विकास किया जा रहा है, ताकि जल संकट के स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकें।
जल संचय जन भागीदारी-2.0 अभियान में राजस्थान निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है। 21 मई 2026 तक की प्रगति के अनुसार राजस्थान सम्पूर्ण देश में सातवें स्थान पर पहुंच चुका है। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा द्वारा समय-समय पर दिए गए दिशा-निर्देशों एवं सतत समीक्षा के परिणामस्वरूप अभियान को निरंतर गति मिल रही है। प्रदेश में अभियान के तहत शुरू किये गए कुल 2 लाख 67 हजार 837 कार्यों में से 2 लाख 33 हजार 854 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं, जबकि 33 हजार 983 कार्य प्रगति पर हैं। केन्द्र सरकार द्वारा 31 मई 2026 तक देशभर में एक करोड़ जल संचयन संरचनाओं के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने राज्य के समस्त विभागों एवं जिला प्रशासन को इस लक्ष्य की प्राप्ति में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
जल संचय जन भागीदारी-1.0 अभियान की अवधि 1 अप्रैल 2024 से 31 मई 2025 तक निर्धारित की गई थी। इस अभियान में राजस्थान ने देशभर में तृतीय स्थान प्राप्त कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। राज्य के भीलवाड़ा एवं बाड़मेर जिले सम्पूर्ण भारत में क्रमशः द्वितीय एवं पंचम स्थान पर रहे, जो प्रदेश की उत्कृष्ट कार्यशैली का प्रमाण है।
31 मई 2025 तक कुल 4 लाख 16 हजार 83 कार्यों में से 3 लाख 64 हजार 968 कार्य पूर्ण किए गए, जबकि 51 हजार 115 कार्य प्रगतिरत थे। केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित 10 लाख जल संचय संरचनाओं के लक्ष्य के विरुद्ध राजस्थान द्वारा लगभग 27 लाख संरचनाओं का पोर्टल पर इन्द्राज किया जाना राज्य की सक्रियता एवं जनसहभागिता को दर्शाता है।
जल संचय जन भागीदारी- पोर्टल पर विभिन्न प्रकार की जल पुनर्भरण संरचनाओं का इन्द्राज किया जा रहा है। श्रेणी-1 में बोर-वेल रिचार्ज, बंद बोर-वेल तथा इंजेक्शन वेल शामिल हैं। वहीं श्रेणी-2 में रूफ-टॉप वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर, रिचार्ज शाफ्ट, रिचार्ज पिट, सोक पिट, ओपन वेल रिचार्ज, कंटूर ट्रेंच, गली प्लग, नाला बंड, गैबिअन, चेक डेम, सब सर्फेस डाइक, विलेज पॉण्ड, पर्कोलेशन पॉण्ड, टैंक, बेंच टैरेसिंग सहित कम लागत वाली नवाचार आधारित संरचनाएं सम्मिलित हैं। इन संरचनाओं के माध्यम से वर्षा जल को संरक्षित कर भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जल उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।
जल संचय जन भागीदारी 2.0 अभियान के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं एवं निधियों के माध्यम से कार्य स्वीकृत किए जा रहे हैं। इनमें विकसित भारत-जी राम जी योजना, अमृत योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, कैम्पा, वित्त आयोग अनुदान, राज्य सरकार द्वारा पोषित योजनाएं, सीएसआर फण्ड, जिला मिनरल फण्ड, सामुदायिक फण्ड, एनजीओ एवं स्वयं सहायता समूह फण्ड, परोपकारी निधि, औद्योगिक दान, क्राउड फण्डिंग, व्यक्तिगत दानदाता, ग्रामीण अवसंरचना विकास कोष, सांसद एवं विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास योजना तथा बीएडीपी सहित अन्य केंद्रीय योजनाएं शामिल हैं।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने अभियान की प्रगति बढ़ाने के लिए समस्त विभागों एवं जिला कलक्टरों को स्पष्ट दिशा-निर्देश प्रदान किए हैं। उन्होंने राजस्थान को सम्पूर्ण भारत में प्रथम स्थान दिलाने हेतु समन्वित प्रयास करने का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को जल संचय जन भागीदारी पोर्टल के डैशबोर्ड के माध्यम से दैनिक प्रगति की नियमित मॉनीटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने विशेष रूप से कम लागत वाली संरचनाओं जैसे रिचार्ज पिट, रिचार्ज शाफ्ट, सोक पिट, गली प्लग एवं परकोलेशन पॉण्ड के निर्माण को प्राथमिकता देने तथा रियल टाइम डेटा अपडेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिलों के लक्ष्यों में 25 प्रतिशत वृद्धि करने के निर्देश भी प्रदान किए गए हैं।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में जल संरक्षण को लेकर जो जन-जागरूकता और प्रशासनिक सक्रियता देखने को मिल रही है, वह आने वाले समय में राजस्थान को जल संरक्षण एवं भूजल पुनर्भरण के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी। “जल संचय जन भागीदारी” अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जन-जन के सहयोग से जल संरक्षण का व्यापक जन आंदोलन बनता जा रहा है।