श्रीगंगानगर। माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित आदेशों की अनुपालना के तहत राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के द्वारा राजस्थान में संचालित स्लीपर व लग्जरी बसों में बिना अनुमति किए गए बदलावों की रोकथाम के लिए विशेष निरीक्षण अभियान प्रारंभ किया गया है। इस क्रम में श्रीगंगानगर जिले में यातायात पुलिस, परिवहन विभाग के साथ गठित संयुक्त टीम के द्वारा शुक्रवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री रवि प्रकाश सुथार (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश) की निगरानी में स्लीपर बसों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान परिवहन विभाग से परिवहन निरीक्षक श्री सविंदर गिल सहित उनकी टीम तथा यातायात से उप अधीक्षक श्री आनंद कुमार सहित उनकी टीम उपस्थित रही।
इस दौरान एडीजे श्री सुथार द्वारा बताया गया कि राजस्थान सहित देशभर में स्लीपर एवं लग्जरी बसों में आग लगने, ओवरलोडिंग, अवैध बॉडी निर्माण, आपातकालीन निकास बंद होने एवं सुरक्षा उपकरणो की कमी के कारण कई दर्दनाक हादसे सामने आए हैं। लगातार हो रहे भीषण सड़क हादसों एवं बसों में सुरक्षा मानकों की कमी को देखते हुए स्लीपर, लग्जरी बसों का निरीक्षण किये जाने हेतु परिवहन विभाग व पुलिस प्रशासन के साथ एक माह का संयुक्त रूप से निरीक्षण अभियान चलाया गया है। आज प्रातः 5 बजे कुल 6 स्लीपर बसों का निरीक्षण किया गया। इनमें से 4 बसों में खामियां पाये जाने पर मौके पर उनके परिवहन विभाग द्वारा चालान किये गये। निरीक्षण के दौरान ही एडीजे द्वारा स्लीपर एवं लग्जरी बसों के वाहन चालकों के साथ समझाईश की तथा स्लीपर बसों का संचालन निर्धारित मानकों के अनुरूप किये जाने के निर्देश प्रदान किये गये। इसी के साथ ही आमजन से अपील की गई है कि किसी भी अनधिकृत, पुराने या नियमों का उल्लंघन करने वाली स्लीपर बसों में यात्रा करने से बचें तथा सुरक्षित यात्रा के लिए हमेशा प्रमाणित और विश्वसनीय ट्रेवल एजेंसियों का ही चुनाव करें।
इसी क्रम में परिवहन निरीक्षक श्री सविंदर गिल द्वारा स्लीपर बस संचालकों से अपील की जाती है कि स्लीपर बसों के तमाम दस्तावेजात सहित निर्धारित मानकों को पूरे कर लेवें अन्यथा मानक पूरा नहीं होने की स्थिति में उसी समय उनके चलान किये जायेंगे या उन्हें डिटेन कर लिया जावेगा।