श्रीगंगानगर। माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा IN RE: PHALODI ACCIDENT VERSUS NATIONAL HIGHWAY AUTHORITY OF INDIA AND OTHER esa W.P (C) No. 1100 Of 2025 में पारित आदेशों के अनुपालन को सुनिश्चित करने हेतु माननीय राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के द्वारा राजस्थान में संचालित स्लीपर व लग्जरी बसों में बिना अनुमति किए गए बदलावों की रोकथाम के लिए यात्रियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने और सड़क परिवहन में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीगंगानगर के निर्देशन में परिवहन विभाग द्वारा शनिवार को विशेष जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान स्लीपर बसों का निरीक्षण मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री नरेश कुमार जैन की निगरानी में किया गया। निरीक्षण के दौरान परिवहन विभाग से परिवहन निरीक्षक श्री सविंदर गिल सहित उनकी टीम उपस्थित रही।
इस दौरान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री नरेश कुमार जैन द्वारा बताया गया कि राजस्थान सहित देशभर में स्लीपर एवं लग्जरी बसों में आग लगने, ओवरलोडिंग, अवैध बॉडी निर्माण, आपातकालीन निकास बंद होने एवं सुरक्षा उपकरणांे की कमी के कारण कई दर्दनाक हादसे सामने आए हैं। लगातार हो रहे भीषण सड़क हादसों एवं बसों में सुरक्षा मानकों की कमी को देखते हुए स्लीपर व लग्जरी बसों का निरीक्षण किये जाने हेतु परिवहन विभाग व पुलिस प्रशासन के साथ एक माह का संयुक्त रूप से निरीक्षण अभियान प्रारम्भ किया गया है। इस दौरान 1 स्लीपर बस में सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन मिलने पर उसे मौके पर ही परिवहन विभाग द्वारा सीज कर दिया गया। जांच के दौरान बसों के फिटनेस प्रमाण पत्र, परमिट, ड्राइविंग लाइसेंस, इमरजेंसी गेट, लगेज क्षमता, अग्निशमन यंत्र तथा सीट एवं स्लीपर बर्थ की संख्या की गहन जांच की गई।
निरीक्षण के दौरान ही सीजेएम द्वारा स्लीपर बसों के वाहन चालकों के साथ समझाईश कर स्लीपर बसों का संचालन निर्धारित मानकों के अनुरूप किये जाने के निर्देश प्रदान किये गये। इसी के साथ ही आमजन से अपील की गई है कि किसी भी अनधिकृत, पुराने या नियमों का उल्लंघन करने वाली स्लीपर बसों में यात्रा करने से बचें तथा सुरक्षित यात्रा के लिए हमेशा प्रमाणित और विश्वसनीय ट्रेवल एजेंसियों का ही चुनाव करें।
इसी क्रम में परिवहन विभाग से श्री सविंदर गिल द्वारा बताया कि बसों में इमरजेंसी गेट का सुचारू रूप से खुलना अनिवार्य है। कई स्लीपर बसों में गेट के सामने सीट या स्लीपर बर्थ बनाकर रास्ता अवरूद्ध किया गया है जो यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे में स्लीपर बस संचालकों से अपील की गई है कि स्लीपर बसों के तमाम दस्तावेजात सहित निर्धारित मानकों को पूरे कर लेवें अन्यथा मानक पूरा नहीं होने की स्थिति में उसी समय उनके चलान किये जायेंगे या उन्हें डिटेन कर लिया जावेगा।