भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता तथा माननीय अध्यक्ष डॉ. संजय सिन्हा की प्रेरणादायी सोच को साकार करते हुए सर पदमपत सिंघानिया विश्वविद्यालय (एसपीएसयू), उदयपुर के तीन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने 25 से 31 मई, 2026 तक आईआईटी खड़गपुर में आयोजित स्पिक मैके के 11वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में विश्वविद्यालय का गौरवपूर्ण प्रतिनिधित्व किया। इस प्रतिनिधिमंडल के साथ विश्वविद्यालय के संकाय सदस्य, इंजीनियर- दीपेश वया भी उपस्थित रहे।
प्रो. (ले.) (डॉ.) डी. एस. चौहान, उप अधिष्ठाता (छात्र कल्याण) एवं स्पिक मैके समन्वयक, एसपीएसयू ने अवगत कराया कि विश्वविद्यालय के प्रतिनिधिमंडल में निम्नलिखित विद्यार्थी शामिल थे—
1. दोयल डांगी
2. यशवर्धन सिंह हाड़ा
3. यश योगी
एक सप्ताह तक चले इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भारत सहित विभिन्न देशों से लगभग 1,600 प्रतिभागियों ने भाग लिया। यह आयोजन सांस्कृतिक आदान-प्रदान, कलात्मक अभिव्यक्ति तथा भारतीय सांस्कृतिक विरासत के गहन अनुभव का एक उत्कृष्ट मंच सिद्ध हुआ।
सम्मेलन के दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न पारंपरिक एवं शास्त्रीय कला विधाओं की गहन कार्यशालाओं और सत्रों में सहभागिता की। इनमें माता नी पछेड़ी, भरतनाट्यम, कथक, वेस्टर्न क्लासिकल म्यूज़िक, तारकाशी कला, वायलिन, पांडवानी, गुरबानी, हठयोग, मोहिनीयाट्टम, ओडिसी, पुंग चोलोम, बाघ प्रिंटिंग, कर्नाटक गायन, सत्त्रिया, कूडियाट्टम, प्राकृतिक रंगों से ब्लॉक प्रिंटिंग, ध्यान, ध्रुपद, हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायन, कठपुतली कला, लघु चित्रकला (मिनिएचर पेंटिंग) तथा कुचिपुड़ी जैसी विधाएँ शामिल थीं।
एसपीएसयू के विद्यार्थियों ने विशेष रूप से मुगल मिनिएचर पेंटिंग एवं कथक की गहन कार्यशालाओं में सक्रिय सहभागिता करते हुए भारतीय कला एवं संस्कृति की विविध परंपराओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया तथा सम्मेलन के जीवंत सांस्कृतिक वातावरण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।
विद्यार्थियों की यह सहभागिता एसपीएसयू की समग्र शिक्षा, सांस्कृतिक चेतना एवं अनुभवात्मक अधिगम को बढ़ावा देने की सतत प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से प्रतिबिंबित करती है।