उदयपुर । एसजीएफआई एवं पीएम श्री फतह राउमावि सूरजपोल के संयुक्त तत्वावधान में उदयपुर में चल रही 69वीं राष्ट्रीय विद्यालय हॉकी प्रतियोगिता (19 वर्ष छात्र) में राजस्थान ने स्कूल नेशनल हॉकी में स्वर्ण पदक जीत कर इतिहास रच दिया। जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक मुख्यालय डॉ. लोकेश भारतीय ने बताया कि राजस्थान ने शनिवार को प्रातः 10ः30 बजे खेलगांव के एस्ट्रोटर्फ हॉकी मैदान पर खेले फाइनल मुकाबले में उड़ीसा को 3-2 से हराकर यह खिताब हासिल किया। उड़ीसा को रजत व पंजाब को कांस्य पदक मिला।
स्कूल हॉकी के में पहली बार स्वर्ण पदक विजेता बनने पर उदयपुर सहित पूरे राजस्थान के हॉकी प्रेमियों में खुशी की लहर छा गई। मैच की समाप्ति के बाद सैकड़ो दर्शक मैदान में दौड़ पड़े और राजस्थान के खिलाड़ियों, राजस्थान टीम के प्रशिक्षक दिग्विजय सिंह राणावत राजस्थान इनके चीफ डे मिशन डॉ. गोविंद सिंह राठौड़ एवं मैनेजर बलवंत चौधरी एवं शिक्षा विभाग के आयोजक अधिकारियों को अपने कंधों पर उठा लिया और भारत माता की जय के नारे लगाते हुए जश्न में डूबते हुए खेल मैदान पर खूब नाचे। टीम के सभी खिलाड़ियों ने स्वर्णिम जीत पर अपने कोच दिग्विजय सिंह राणावत फतह स्कूल प्रधानाचार्य गजेंद्र आवोत, टीम के चीफ डे मिशन डॉ गोविंद सिंह राठौड़ सहित शिक्षा अधिकारियों के पैर छुकर आशीर्वाद लिया। फिर जीत की खुशी में पूरे हॉकी ग्राउंड का दौड़कर एक चक्कर लगाया व म्यूजिक पर खूब नाचे। खिलाड़ियों के साथ दर्शक, प्रशिक्षक हॉकी प्रेमी, आयोजक व शिक्षा अधिकारी भी झूम उठे।
इससे पहले हार्डलाइन के मुकाबले में पंजाब ने हिमाचल प्रदेश को 6-0 से हराकर तीसरा स्थान प्राप्त किया। राजस्थान टीम के प्रशिक्षक दिग्विजय सिंह राणावत ने बताया कि फाइनल मुकाबले में पहले क्वार्टर तक 0-0 स्कोर रहा। दूसरे में राजस्थान ने पेनल्टी कार्नर को गोल में कन्वर्ट किया , एक और पेनल्टी कॉर्नर का मौका मिलने पर पेनल्टी कॉर्नर का मौका चूकने के बावजूद दूसरा गोल कर राजस्थान ने दूसरा गोल कर 2-0 से बढ़त बना ली।
टीम के चीफ डे मिशन डॉ गोविंद सिंह राठौड़ के अनुसार मध्यांतर के बाद हुए तीसरे क्वार्टर में राजस्थान ने तीसरा गोल कर दिया। राजस्थान के खिलाफ उड़ीसा को पेनल्टी कॉर्नर का मौका मिला। लेकिन गोलकीपर के शानदार बचाव से उड़ीसा मौके को गोल में कन्वर्ट नहीं कर पाया। उड़ीसा को राजस्थान के खिलाफ कुछ मिनट के अंतराल से एक के बाद एक लगातार चार पेनल्टी कार्नर मिले, लेकिन उड़ीसा के खिलाड़ी एक भी गोल नहीं कर पाए, लेकिन पांचवे पेनल्टी कॉर्नर को गोल में कन्वर्ट करते हुए स्कोर 3-1 पर लाकर मैच को रोमांचक बना दिया। चौथे क्वार्टर में राजस्थान के खिलाफ उड़ीसा को एक और पेनाल्टी कार्नर मिला जिसे उड़ीसा ने गोल में कन्वर्ट कर दिया इस प्रकार स्कोर 3-2 हो गया। और दर्शकों की धड़कने बढ़ गई। आखिर राजस्थान ने 3-2 से फाइनल मुकाबला जीतते हुए स्कूल में नेशनल हॉकी में पहला स्वर्ण पदक जीतते हुए, नेशनल विजेता ट्रॉफी पर कब्जा जमा लिया व इतिहास रच दिया। अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी मोहनलाल मेघवाल ने बताया कि समापन समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व ओलंपियन खिलाड़ी अशोक ध्यानचंद थे। समापन समारोह की अध्यक्षता संयुक्त निदेशक स्कूल शिक्षा व महात्मा गांधी अंग्रेजी मीडियम प्रकोष्ठ के प्रमोद कुमार सुथार ने की। विशिष्ट अतिथि, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक मुख्यालय डॉ. लोकेश भारती, उप जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक शारीरिक शिक्षा लक्ष्मण सालवी, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी गिर्वा दुर्गेश मेनारिया, झाड़ोल सीबीईओ मोरध्वज व्यास, भाजपा खेल प्रकोष्ठ के दिलीप सिंह राठौड़, भाजपा युवा नेता किशन चौहान आदि थे। आयोजक स्कूल के प्रधानाचार्य एवं केंद्राध्यक्ष गजेंद्र आवोत के नेतृत्व में सभी मेहमानों का मेवाड़ी परंपरा से स्वागत अभिनंदन किया गया।
इससे पूर्व फाइनल मुकाबले में उदयपुर ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा राजस्थान हॉकी संग की अध्यक्ष अरुण सारस्वत, पूर्व गिर्वा प्रधान तख्त सिंह शक्तावत, जी एस टी के जॉइंट कमिश्नर रविंद्र सिंह चुंडावत, फतह स्कूल एस डी एम सी सचिव राव गोपाल सिंह आसोलिया, राजस्थान शारीरिक शिक्षक संघ के प्रदेश महामंत्री डॉ. भैरू सिंह राठौड़, आयोजन सचिव धर्मेंद्र सिंह शक्तावत, डाइट व्याख्याता लक्ष्मण दास वैष्णव, हर्षवर्धन सिंह राव,आर ए एस सुरेश खटीक, सहित अनेक गणमान्य मौजूद रहे ओर फाइनल खेलने वाली दोनों टीमों के खिलाडी से परिचय करते हुए उनको शुभकामनाएं दी। मीडिया प्रभारी गोपाल मेहता मेनारिया ने बताया कि अतिथियों ने स्वर्ण, रजत व कांस्य पदक जीतने वाली तीनों ही टीम को ट्रॉफी और मेडल प्रदान किए बाद में टेक्नीशियन व रैफरी एवं ग्राउंड स्टॉप का अतिथियों के हाथों स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया। अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी देश पाल सिंह शक्तावत बताया कि मिडिया समिति द्वारा बनाई गई न्यूज स्मारिका सफलता की कहानी -अखबारों के जुबानी का विमोचन किया गया। अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी मुरली धर चौबीसा ने बताया कि विजेता राजस्थान टीम को अखिल कर्मचारी महासंघ (भा म स) के अरविंद सिंह राव के नेतृत्व में 21000 रुपए एवं स्निग्धा भनात द्वारा 11000 रुपए नकद पुरस्कार दिया गया। वहीं उप विजेता उड़ीसा टीम को वरिष्ठ शारीरिक शिक्षिका क्वीना मेरी की ओर से 11000 रुपए नकद पुरस्कार दिया गया। अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी मोहनलाल मेघवाल ने समस्त स्टाफ, रेफरी अतिथियों एवं समस्त मीडिया समूह का आभार एवं धन्यवाद प्रकट किया।
ध्वज अवतरण के पश्चात राष्ट्र गान के साथ ही प्रतियोगिता संपन्न हो गई।