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उदयपुर को बाल भिक्षावृत्ति व बाल श्रम से मुक्त करने की दिशा में पहल

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01 Jan 26
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उदयपुर को बाल भिक्षावृत्ति व बाल श्रम से मुक्त करने की दिशा में पहल

उदयपुर। पर्यटन नगरी उदयपुर को बाल भिक्षावृत्ति एवं बाल श्रम से मुक्त करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन, बाल अधिकारिता विभाग एवं पुलिस विभाग के संयुक्त तत्वावधान में “स्माइल उदयपुर” अभियान का शुभारंभ किया गया। जिला कलेक्टर नमित मेहता के निर्देशन में 1 जनवरी 2026 से प्रारंभ हुआ यह अभियान राज्य में अपनी तरह का पहला नवाचारपूर्ण और सख्त अभियान माना जा रहा है।
अभियान की शुरुआत कलक्ट्रेट परिसर में भिक्षावृत्ति एवं बाल श्रम के विरुद्ध शपथ एवं हस्ताक्षर अभियान से की गई। इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक गौरव श्रीवास्तव एवं अतिरिक्त जिला कलेक्टर (नगर) जितेन्द्र ओझा की उपस्थिति में बाल श्रम एवं बाल भिक्षावृत्ति रेस्क्यू वाहनको झंडी दिखाकर रवाना किया गया। कार्यक्रम में राजस्थान राज्य बाल संरक्षण आयोग के सदस्य धु्रव कुमार कविया, बाल कल्याण समिति अध्यक्ष यशोदा पणिया, श्रम आयुक्त संकेत मोदी, पुलिस उपाधीक्षक छगन पुरोहित, मानव तस्करी निरोधक इकाई प्रभारी दीपिका राठौड़, यूनिसेफ प्रभारी सिंधु बिनुजीत सहित अन्य अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

तीन चरणों में चलेगा अभियान
कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एवं बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक के.के. चन्द्रवंशी ने बताया कि “स्माइल उदयपुर” अभियान तीन चरणों में संचालित किया जाएगा।प्रथम चरण 1 से 31 जनवरी तक रहेगा। इसमें शहर में निरंतर रेस्क्यू अभियान चलाकर बाल भिक्षावृत्ति एवं बाल श्रम में लिप्त बच्चों को मुक्त कराया जाएगा। द्वितीय चरण में 2 फरवरी से 31 मार्च तक फॉलोअप अभियान के तहत रेस्क्यू किए गए बच्चों का पुनर्वास, शिक्षा एवं काउंसलिंग सुनिश्चित की जाएगी, ताकि वे पुनः इस कुप्रथा में न फंसें।तृतीय चरण में भिक्षावृत्ति से प्रभावित पर्यटन स्थलों एवं सार्वजनिक क्षेत्रों को भिक्षावृत्ति मुक्त क्षेत्र घोषित किया जाएगा, आदेशों की अवहेलना करने वालों पर कानूनी कार्रवाई होगी।

अभय कमाण्ड कैमरे और जियो टैगिंग से होगी निगरानी
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए अभय कमाण्ड सेंटर के सीसीटीवी कैमरों से प्रमुख चौराहों, पर्यटन स्थलों एवं सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी की जाएगी। रेस्क्यू स्थल पर बच्चों की जियो टैगिंग की जाएगी, जिससे फॉलोअप और निगरानी और अधिक मजबूत हो सके। किसी भी स्थान पर बाल भिक्षावृत्ति या बाल श्रम की सूचना मिलने पर चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या अभियान समन्वयक को सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम तुरंत मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करेगी।

जागरूकता के साथ सख्ती
रेस्क्यू अभियान के दौरान मुख्य पर्यटन स्थल, धार्मिक स्थल, बाजार, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, अस्पताल क्षेत्र एवं प्रमुख चौराहों को चिन्हित कर कार्यवाही की जाएगी। आमजन से अपील की जाएगी कि “भिक्षा नहीं, शिक्षा दें”। इसके साथ ही पोस्टर, बैनर, स्टीकर के माध्यम से जन-जागरूकता फैलाई जाएगी तथा दुकानों और प्रतिष्ठानों पर बाल श्रम व भिक्षावृत्ति मुक्त प्रतिष्ठान के स्टीकर लगाए जाएंगे।

साझा प्रयास से बनेगा बाल श्रम मुक्त उदयपुर
माह भर चलने वाले इस अभियान में पुलिस विभाग, श्रम विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, बाल अधिकारिता विभाग, चाइल्ड हेल्पलाइन, यूनिसेफ, बाल सुरक्षा नेटवर्क, गायत्री सेवा संस्थान सहित विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों की सक्रिय भागीदारी रहेगी। स्माइल उदयपुर अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों को भिक्षावृत्ति और बाल श्रम के दलदल से बाहर निकालकर उन्हें शिक्षा, संरक्षण और सम्मानजनक जीवन की मुख्यधारा से जोड़ना है। बच्चों के अधिकारों का हनन करने वालों, उन्हें भिक्षावृत्ति या श्रम में धकेलने वालों तथा भिक्षा को बढ़ावा देने वालों पर भी नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की कि यदि कहीं भी कोई बच्चा भिक्षावृत्ति या बाल श्रम करता दिखाई दे, तो तुरंत 1098 पर सूचना दें और उदयपुर को बाल भिक्षावृत्ति एवं बाल श्रम मुक्त शहर बनाने में सहयोग करें।


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