उदयपुर | मुस्कान क्लब यूथ रिविजिटेड में सिनेजगत के मशहूर संगीतकार ओ.पी. नैय्यर साहब के 100वें स्मरण-जन्मदिवस पर विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ|
मीडिया प्रभारी प्रोफेसर विमल शर्मा ने बताया की मंचासीन श्रीमती सुशीला सुखवाल, के.के. त्रिपाठी एवं भगवतीलाल इंद्रावत की उपस्थिति में आयोजित आज के विशेष कार्यक्रम की शुरुआत परंपरानुसार श्रीमती शीला चौधरी द्वारा ईश्वर-धन्वना से हुई। मंच संचालक श्री के.के. त्रिपाठी ने सदस्यों को ओ.पी. नैय्यर साहब के संगीत से सजे गीत प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया।
प्रस्तुतियों में शामिल रहे:
दिलीप सुराणा: पुकारता चला हूं मैं
राजकुमार बाफना: इशारों इशारों में
नलिनी बंधु: दिल की आवाज भी सुन
दिलीप गभरानी: आना है तो आ
नीलिमा रानी बैंस: जाने कहां मेरा जिगर
सुधा व्यास: बाबूजी धीरे चलना
हेमा जोशी: लाखों में एक
अमर माथुर: आंचल में सजा लेना
शीला चौधरी: कजरा मोहब्बत वाला
ईश्वर जैन: आप के हसीन रुख पर
के.के. त्रिपाठी: टुकड़े हैं मेरे दिल के
मधुबाला पंडित: हाथ आया है नसीब
कांतिलाल पुनमिया: दीवाना हुआ बादल
स्नेहलता लोढ़ा: जरा होले होले प्यार करें हम
हरीश बहादुर एवं सुनीता सिंह: आंखों ही आंखों में
डॉ. सुनीता सिंह: वक्त ने किया क्या हिसाब
अरुण चौबीसा: चल अकेला चल अकेला
अरुण चौबीसा एवं मधुबाला पंडित ने एक दोगाना भी सुनाया। प्रस्तुतियों के बीच श्री त्रिपाठी ने नैय्यर साहब के बारे में कई रोचक जानकारियां साझा कीं।अंत में श्री के.के. त्रिपाठी द्वारा आगामी शनिवारीय कार्यक्रमों की जानकारी देने के बाद राष्ट्रगान के साथ इस कर्णप्रिय संगीत सोपान की समाप्ति हुई, जिसे रसिक श्रोताओं ने शांतिपूर्वक सुनकर इसकी गरिमा बढ़ाई।