उदयपुर। विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना के अंतर्गत पंचायत समिति वल्लभनगर, जिला उदयपुर में जन संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वल्लभनगर विधायक उदय लाल डांगी की गरिमामय उपस्थिति रही। इस अवसर पर जनसमुदाय को योजना की विशेषताओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में बताया गया कि विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) जो मनरेगा (एमजीएनआरईजीए) की जगह लेने वाला एक नया और आधुनिक ग्रामीण विकास कानून है। यह योजना विकासित भारत -2047 के लक्ष्य के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाउ विकास और आजीविका बढ़ाने पर केन्द्रित है।
योजना की प्रमुख विशेषताएं
योजना के तहत अब प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को प्रतिवर्ष 100 के स्थान पर 125 दिनों के वेतनयुक्त रोजगार की गारंटी मिलेगी। स्थायी परिसंपत्तियों जैसे जल संरक्षण कार्य, ग्रामीण सड़कें, स्वच्छता एवं आजीविका से जुड़ी संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा।
यह योजना केंद्र प्रायोजित (सीएसएस) है, जिसमें सामान्य राज्यों के लिए केंद्र व राज्य का हिस्सा 60ः40 रहेगा, जबकि पूर्वात्तर एवं हिमालयी राज्यों के लिए यह 90ः10 होगा।
खेती के प्रमुख सीजन (बुवाई व कटाई) के दौरान मजदूरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु 60 दिनों के ‘कार्य विराम’ का प्रावधान किया गया है। ताकी किसानों को खेती के लिए आसानी से मजदूर मिल सके।
तकनीक आधारित पारदर्शिता को ध्यान में खरते हुए काम की निगरानी के लिए जियो- स्पेशियल टेक्नोलोजी (जीआईएस) बायोमैट्रिक सत्यापन और आधार सक्षम पेमेन्ट सिस्टम का उपयोग किया जायेगा।
मजदूरी भुगतान अब साप्ताहिक आधार पर किया जाएगा। ग्रामीण कार्यों को पीएम गति-शक्ति के साथ एकीकृत कर योजनाओं को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाया जा सके।
योजनान्तर्गत यदि आवेदन करने के 15 दिन भीतर काम उपलब्ध नहीं कराया जाता है राज्य सरकार की ओर से बेरोजगारी भत्ता दिया जायेगा।
कार्यक्रम के दौरान सभी लाइन विभागों के अधिकारी, सहायक अभियंता, कनिष्ठ अभियंता, कनिष्ठ तकनीकी सहायक, ग्राम विकास अधिकारी, कनिष्ठ सहायक, मेट सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।