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गणतंत्र दिवस पर बढ़ाएं देश का मान, करें शहीदों एवं महापुरुषों का सम्मान – पंकज कुमार शर्मा

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25 Jan 26
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गणतंत्र दिवस पर बढ़ाएं देश का मान, करें शहीदों एवं महापुरुषों का सम्मान – पंकज कुमार शर्मा


उदयपुर | भारत का गणतंत्र दिवस प्रतिवर्ष 26 जनवरी को देशभर में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। यह दिन भारतीय संविधान के लागू होने का प्रतीक है, जिसने भारत को एक संप्रभु, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष एवं लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में स्थापित किया। गणतंत्र दिवस केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं है, बल्कि यह उन महान महापुरुषों और शहीदों की स्मृति का दिवस भी है, जिन्होंने देश की स्वतंत्रता और लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।
देश की आज़ादी के संघर्ष में लाखों वीर शहीदों ने बलिदान दिया और हमारे महापुरुषों ने कठिन परिस्थितियों में संविधान का निर्माण किया, जिसके कारण आज भारत एक मजबूत लोकतांत्रिक राष्ट्र के रूप में विश्व पटल पर स्थापित है।
इसी क्रम में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं प्रवक्ता पंकज कुमार शर्मा ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर उदयपुर में आमजन एवं प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि शहीदों और महापुरुषों का सम्मान करना हम सभी का नैतिक कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि शहर में महापुरुषों के नाम पर स्थापित चौराहों, स्मारकों एवं स्थलों की नियमित साफ-सफाई एवं संरक्षण किया जाना चाहिए।
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर शर्मा ने अपने साथियों के साथ शहर के दिल्ली गेट स्थित शांति आनंदी स्मारक परिसर में साफ-सफाई अभियान चलाया। इस दौरान परिसर में झाड़ू लगाकर सफाई की गई, पानी से धुलाई की गई तथा शांति आनंदी की प्रतिमा का दुग्धाभिषेक किया गया। तत्पश्चात पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
इस अवसर पर शर्मा ने कहा कि गणतंत्र दिवस हमें उन महापुरुषों की याद दिलाता है, जिनकी विचारधारा और संघर्षों ने राष्ट्र निर्माण की नींव रखी। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव अंबेडकर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद जैसे अनेक महान नेताओं के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनके संघर्षों और बलिदानों के बिना आज़ादी की कल्पना संभव नहीं थी। हमारे शहीद हर वर्ग और समुदाय से थे, लेकिन उनका उद्देश्य एक ही था — भारत को स्वतंत्र देखना।
शर्मा ने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं है, बल्कि यह हमें हमारे कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का भी बोध कराता है। हमें संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प लेना चाहिए, ताकि शहीदों और महापुरुषों का बलिदान व्यर्थ न जाए। उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
इस अवसर पर गोविंद सक्सेना, फिरोज अहमद शेख, संजय मंदवानी, कृपाशंकर मिश्रा, सज्जाद भाई, मोहम्मद शाहिद, मांगीलाल मेघवाल, डॉ. संदीप गर्ग, चंद्रशेखर कच्छवाहा, जगदीश कच्छवाहा, सुशीला कच्छवाहा, धापू माली, महेंद्र नाथ पुरोहित, नितेश सर्राफ, सुभाष चित्तौड़ा, ओम प्रकाश आगाल, नरेश साहू, जमनागिरि सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


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