उदयपुर।राजस्थान के आगामी बजट को लेकर प्रदेशभर में उम्मीदों का माहौल है। इसी क्रम में मेवाड़ की समृद्ध संगीत विरासत को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मांग सामने आई है।
सुरों की मंडली संस्थान, उदयपुर के संस्थापक अध्यक्ष मुकेश माधवानी ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि आगामी बजट में उदयपुर में ‘संगीत संग्रहालय’ की स्थापना के लिए आवश्यक वित्तीय प्रावधान किए जाएँ तथा प्रशासनिक सहयोग प्रदान किया जाए।
मुकेश माधवानी ने बताया कि मेवाड़ की ऐतिहासिक और लोक संगीत परंपरा को संरक्षित कर आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने के उद्देश्य से यह पहल की गई है। संगीत संग्रहालय के निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध है, लेकिन इस महत्वाकांक्षी और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत आवश्यक परियोजना को साकार करने के लिए सरकार की आर्थिक सहायता और प्रशासनिक समर्थन अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने जानकारी दी कि इस संबंध में लगभग दो सप्ताह पूर्व एक विस्तृत प्रस्ताव पत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को भेजा जा चुका है। साथ ही केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय तथा राजस्थान पर्यटन विभाग को भी इस परियोजना से अवगत कराया गया है, ताकि इसे शीघ्र गति मिल सके।
मुकेश माधवानी ने कहा कि उदयपुर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कला, संस्कृति और पर्यटन का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में यहाँ एक समर्पित संगीत संग्रहालय की स्थापना न केवल कलाकारों को सम्मान देगी, बल्कि यह देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और संगीत प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र भी बनेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार इस सांस्कृतिक महत्व की परियोजना को बजट में प्राथमिकता देगी, जिससे उदयपुर को संगीत जगत में एक नई और ऐतिहासिक पहचान प्राप्त होगी।