उदयपुर। उदयपुर रेंज पुलिस और यूनिसेफ राजस्थान के तत्वावधान में संचालित पुलिसिंग फॉर केयर ऑफ चिल्ड्रन कार्यक्रम अंतर्गत साइबर अपराधों की रोकथाम और जागरूकता के लिए ‘ स्मार्ट पुलिसिंग के लिए साइबर सुरक्षा सशक्तिकरण‘ विषयक दो दिवसीय रेंज स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आगाज सोमवार को डबोक स्थित गीतांजलि इंस्टीटयृट ऑफ टेक्निकल स्टडीज में हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस महानिरीक्षक श्री गौरव श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में साइबर अपराध निरंतर नए स्वरूप में सामने आ रहे हैं, जिनसे निपटने के लिए पुलिस बल का तकनीकी रूप से दक्ष एवं जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है। प्रशिक्षण के प्रारंभिक सत्र में स्वयं बतौर प्रतिभागी जुड़कर आईजी ने सभी प्रतिभागियों से आह्वान किया कि वे प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान का उपयोग आमजन की सुरक्षा एवं त्वरित न्याय सुनिश्चित करने में करें। इस अवसर पर अध्यक्षता कर रहे जिला पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को आज के दौर में बढ़ते साइबर अपराधों पर रोकथाम की दिशा में महत्वपूर्ण बताया और नवीन ज्ञान के साथ तकनीक का उपयोग करते हुए साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने पर जोर दिया। इस अवसर पर कार्यक्रम के नोडल अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हर्ष रतनू ने प्रतिभागियों के लिए इस कार्यशाला का उपयोगी एवं ज्ञानवर्द्धक बताया। उन्होंने कहा कि यहां प्राप्त नवीन तकनीकी ज्ञान का बेहतर उपयोग करते हुए साइबर अपराध से पीडित व्यक्ति को त्वरित राहत प्रदान करे और स्मार्ट पुलिसिंग का उदाहरण प्रस्तुत करें।
दिल्ली से आए साइबर अपराध अन्वेषक श्री ईशान सिन्हा ने दिया प्रशिक्षण
कार्यशाला में देश के प्रतिष्ठित साइबर क्राइम एवं ऑपरेशन विशेषज्ञ श्री ईशान सिन्हा ने साइबर अपराध के विभिन्न प्रकार जैसे ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग, सोशल मीडिया अपराध, साइबर बुलिंग, बैंकिंग फ्रॉड, डेटा चोरी आदि विषयों पर विस्तृत जानकारी के साथ उन्हें टेक डाउन, स्पेशल क्राइम इनवेस्टिगेशन सहित साइबर क्राइम के माध्यम से हो रहे अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए नई तकनीकी की जानकारी दी। साथ ही साइबर अपराध की शिकायत प्राप्त होने पर त्वरित कार्रवाई, डिजिटल साक्ष्यों के संरक्षण, तथा आधुनिक तकनीकी उपकरणों के उपयोग पर व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया। प्रतिभागियों को नवीनतम साइबर ट्रेंड्स, साइबर सुरक्षा उपायों तथा आमजन को जागरूक करने की रणनीतियों से अवगत कराया। प्रारंभ में यूनिसेफ राजस्थान की संभाग स्तरीय बाल संरक्षण सलाहकार श्रीमती सिंधु बिनुजीत ने अतिथियों का स्वागत एवं परिचय देते हुए कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आईजी सर के मार्गदर्शन में तीन माह के भीतर यह दूसरी बड़ी कार्यशाला होना हम सभी के लिए उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य रेंज स्तर पर साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के साथ हर वर्ग को इस दिशा में जागरूक करना है। गीतांजलि इंस्टीटयृट ऑफ टेक्निकल स्टडीज के कैंपस डायरेक्टर डॉ.एस.एम. प्रसन्ना कुमार ने इस कार्यशाला के लिए उनके संस्थान का चयन करने पर आभार जताया और इस कार्यशाला का लाभ उनके संस्थान के विद्यार्थियों को भी दिलाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में रेंज के सभी साइबर थानों, साइबर सेल व महिला अपराध एवं अनुसंधान प्रकोष्ठ एवं मानव तस्करी विरोधी यूनिट से संबंधित पुलिस अधिकारियों के साथ संस्थान के डॉ. चिंतल पटेल, कार्यक्रम टीम के दिलीप सालवी, सुनील व्यास और कॉलेज प्रबंधन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।