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रातों-रात ठप हुई एमएलएसयू वेबसाइट, जिम्मेदारी पर सवाल

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13 Mar 26
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रातों-रात ठप हुई एमएलएसयू वेबसाइट, जिम्मेदारी पर सवाल

उदयपुर। मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय (एमएलएसयू) की आधिकारिक वेबसाइट उसेन.ंब.पद बीती रात अचानक ठप हो गई, जिससे विश्वविद्यालय की डिजिटल व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सुबह जब छात्रों, शोधार्थियों और अभ्यर्थियों ने वेबसाइट खोलने का प्रयास किया तो साइट पूरी तरह ऑफलाइन मिली। वेबसाइट बंद होने से विश्वविद्यालय से जुड़ी कई महत्वपूर्ण ऑनलाइन सेवाएं प्रभावित हो गई हैं।
विश्वविद्यालय की अधिकांश प्रक्रियाएंकृजैसे परीक्षा संबंधी सूचनाएं, परिणाम, प्रवेश प्रक्रिया और अन्य प्रशासनिक जानकारीकृइसी वेबसाइट के माध्यम से संचालित होती हैं। ऐसे में वेबसाइट के अचानक बंद हो जाने से हजारों छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और कई जरूरी कार्य अटक गए हैं।
ंसूत्रों के अनुसार वेबसाइट संचालन से जुड़ा अनुबंध पहले ही समाप्त हो चुका था। बताया जा रहा है कि संबंधित फर्म को अस्थायी रूप से तीन माह का एक्सटेंशन भी दिया गया था, ताकि इस दौरान नई निविदा प्रक्रिया पूरी की जा सके।
वहीं राज्य के टेंडर पोर्टल की जांच में यह सामने आया है कि इतने समय के बाद भी वेबसाइट संचालन के लिए नया ओपन टेंडर अब तक जारी नहीं किया गया है। सरकारी प्रक्रियाओं में कार्य आवंटन के लिए सामान्यतः खुली निविदा (ओपन टेंडर) ही अनिवार्य प्रक्रिया मानी जाती है। ऐसे में समय पर नई निविदा जारी न होने से प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
विश्वविद्यालय में तकनीकी और वेबसाइट से जुड़ी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी डायरेक्टर, कंप्यूटर सेंटर के अधीन होती है। ऐसे में वेबसाइट ठप होने के बाद जिम्मेदारी तय करने की मांग भी उठने लगी है। परिसर में चर्चा है कि यदि समय रहते नई निविदा प्रक्रिया शुरू की जाती तो संभवतः यह स्थिति पैदा नहीं होती।
डिजिटल युग में विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट ही छात्रों और प्रशासन के बीच सबसे महत्वपूर्ण माध्यम बन चुकी है। ऐसे में वेबसाइट का अचानक बंद हो जाना विश्वविद्यालय की आईटी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रहा है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या विश्वविद्यालय प्रशासन समय पर खुली निविदा जारी न करने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करेगा? विश्वविद्यालय परिसर में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है और छात्र-शिक्षक समुदाय भी पूरे मामले में जवाबदेही तय होने का इंतजार कर रहा है।


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