उदयपुर। विक्रम संवत 2083 हिन्दू नववर्ष एवं नवसंवत्सर के अवसर पर अधिवक्ता परिषद् इकाई-उदयपुर द्वारा सभी को तिलक लगाकर, नवकोपल व प्रसाद वितरण कर भारतीय सनातन परंपरा, संस्कृति और नवचेतना के प्रतीक हिन्दू नववर्ष, नव संवत्सर (विक्रम संवत-2083) को मनाया गया। इस पर्व पर संदेश दिया कि यह पवित्र दिवस सृष्टि के नव आरंभ, धर्म, सत्य और हमारे गौरवशाली संस्कारों की पुनर्स्थापना का प्रतीक है।
इस अवसर पर अधिवक्ता परिषद् के अध्यक्ष मनीष शर्मा ने बताया कि “हिंदू नववर्ष हमारी काल गणना, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रबोध को सुदृढ़ करने वाला दिन है। यह केवल एक कैलेंडर वर्ष का परिवर्तन नहीं है, बल्कि यह ऋतु परिवर्तन, प्रकृति के उल्लास और नव-उमंग का संदेश है। हम सभी को मिलकर इस नए वर्ष में अपने राष्ट्र को और अधिक समृद्ध और सुसंस्कृत बनाने का संकल्प लेना चाहिए“। अधिवक्ता परिषद् के महामंत्री डॉ.विष्णु शंकर पालीवाल ने सभी को मंगलकामनाएं देते हुए कहा कि यह नवसंवत्सर आप सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और अपार खुशियां लेकर आए। यह सृष्टि के आरंभ और विक्रमादित्यजी के राज्याभिषेक का दिन है। हम सभी को नई शुरुआत, सकारात्मकता, संस्कृति का संरक्षण, और राष्ट्रभक्ति की भावना से प्रेरित होना चाहिए।
कार्यक्रम में नव पद स्थापित एसपी अमृता दुहन, एएसपी उमेश ओझा व एडीएम जितेन्द्र ओझा को भी न्यायालय परिसर के मुख्य द्वार पर तिलक लगाकर एवं नवकोपल व प्रसाद वितरित कर नववर्ष की मंगलकामनाएं दी गई।
इस अवसर पर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेन्द्र जैन, महासचिव लोकेश गुर्जर, उपाध्यक्ष महेन्द्र मेनारिया, सचिव आशीष कोठारी, चक्रवर्ती सिंह राव, भूपेन्द्र सिंह चुण्डावत, गणेश लाल तेली एवं अधिवक्ता परिषद् के दिनेश गुप्ता, ऋत्तु सारस्वत, प्रीति बापना, नेहा जैन, अर्चना नेणावा, राजेश वसीटा, भारत कुमावत, सुनील कल्याणा, नवीन मेनारिया, पूनमचन्द मीणा, सत्येन्द्र सिंह सांखला, महेन्द्र ओझा, ललित सेन, मनीष खण्डेलवाल, मनीष कुमावत के सहित काफ़ी अधिवक्तागण उपस्थित रहें।