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परमात्मा के प्रति ईष्र्या रखनें से होता है जीव का कल्याणःकिरीट भाई

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29 Mar 26
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परमात्मा के प्रति ईष्र्या रखनें से होता है जीव का कल्याणःकिरीट भाई


उदयपुर। तुलसी परिवार व नन्दी वन वैदिक गौशाला धाम भुज के तत्वावधान में ए.एस.राठौड़ की ओर से भुवाणा रोड़ स्थित देेवेन्द्र धाम में आयोजित हो रही भागवत कथा में आज ब्रह्मऋषि किरिट भाई ने कहा कि ईष्र्या यदि मनुष्य के प्रति हो तो जगत का नुकसान होता है और यदि वहीं ईष्र्या परमात्मा के प्रति हो तो जीव का कल्याण होता है।
उन्होंने कहा कि ब्रहमदेव ने कहा कि गायों की सेवा करो,उनके संग रहो क्योंकि गायों की सेवा करने व उनके संग रहने से मनुष्य रोग मुक्त रहता है। किरीट महाराज ने कहा कि स्वजन मोहिनी ऐसी माया है,जिसे प्रभु देखकर स्वयं प्रभु मोहित हो जाते है। भगवान कृष्ण कहते है जिस पर मैं अनुग्रह करता हूं उसे ही दर्शन देता हूं। कृष्ण कहते है कि तुमनें प्रमाद किया है। तुमनें बच्चों के रूप बनानें की मशीन बना दी। मां को सर्वोपरि रखें क्योंकि मां ही नहीं बची तो हमारा क्या अस्तित्व रहेगा।
जब किरीट भाई महाराज ने राधे-राधे बोल,बरसानें में बोल मुख से राधे -राधे बोल भजन गाया तो वहंा उपस्थित महिला-पुरूष भक्तगण झूम उठें वे नाचते हुए भजन के प्रति अपने भाव व्यक्त किये। इसके बाद उन्होंने उतारों आरती कृष्ण की भजन गाया तो सभी भक्तगण ने हाथ हिलाकर तालियंा बजाकर कृष्ण के प्रति अपने भाव प्रकट किये।
कृष्ण यशोदा मैया से कहते है कि हे मैय्या मैंनें माखन नहीं खायों, मैनें मिट्टी नहीं खायी, तुम चाहो तो मेरो मुख देख लो। जब यशोदा ने कृष्ण के बालरूवरूप में मुख्य देखा तो उसमें अनेकों सूर्य, धरती, ग्रह,वृन्दावन, गोकुल एवं समस्त ब्रह्माण्ड के दर्शन हुए। यह देखकर यशोदा चकित हो गयी और उसनें समझ लिया कि कान्हा कोई साधारण बालक नहीं भगवान है। किरीट भाई महाराज ने कहा कि पूरा जगत फिल्म की स्क्रीन की भंाति है और हम सभी उसे देख रहे है।  आयोजक ए.एस. राठौड़ ने बताया कि भागवत कथा दो दिन और चलेगी।


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