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विश्व स्वास्थ्य दिवस का ऐतिहासिक महत्व - डॉ. श्रीनिवास महावर

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07 Apr 26
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 विश्व स्वास्थ्य दिवस का ऐतिहासिक महत्व - डॉ. श्रीनिवास महावर

उदयपुर : जनमत मंच के तत्वाधान में "विश्व स्वास्थ्य दिवस" की पूर्व संध्या पर ऑनलाइन व्याख्यान माला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जनमत मंच के संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ.श्रीनिवास महावर जानकारी देते हुए कहा की "विश्व स्वास्थ्य दिवस" 07 अप्रैल विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की स्थापना के उपलक्ष्य में मनाया जाता है | यहाँ दिन दुनिया में सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी प्राथमिकता वाले क्षेत्र को उजागर करने के लिए एक विषय का चयन किया जाता है। 

  डॉ.महावर ने कहा कि, विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्थापना 7 अप्रैल 1948 ई को हुई और पहली बार विश्व स्वास्थ्य दिवस 7 अप्रैल, 1950 ई.को मनाया गया।

इसकी स्थापना यह सुनिश्चित करने के लिए की गई थी कि विश्व की सबसे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं पर उचित ध्यान दिया जाए और उन पर कार्रवाई की जाए।

हजारों संगठन हमेशा से इस वैश्विक पहल का हिस्सा रहे हैं। जैसे रेड क्रॉस, यूनिसेफ और प्रत्येक क्षेत्र की विभिन्न सरकारों के स्वास्थ्य मंत्रालयों ने इन अभियानों को फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

भारत सरकार ने स्वास्थ्य सुविधाओं को और सुलभ एवं किफायती बनाने के लिए आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री-जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) शुरू की है, जिसके तहत पात्र परिवारों को हर साल ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज मिलता है। यह दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजना है, जो गरीबों के लिए वरदान साबित हो रही है। 

मंच के सचिव शिरीष नाथ माथुर ने बताया कि आज तक़नीकी योग में स्वास्थ्य संबंधी जानकारी हमारे चारों ओर मौजूद है और हम कुछ ही सेकंड में एक बीमारी के हजारों जवाब मिल जाएंगे। 

परन्तु आज आवश्यकता इस बात की है की चिकत्सा सम्बंधित जानकारी जन जन तक पहुंचे और इसका लाभ हर एक वर्ग को समान मिले तभी हम एक विकसित भारत की कल्पना कर सकते है |

विदेशो में चिकित्सा एवं स्वस्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाता है |  

साथ ही सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सेवा उपलब्ध करवा ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य उचित एवं समय पर लाभ मिल सके ।आज के दौर में इलाज के साथ सुरक्षित खानपान और संतुलित जीवन शैली का भी होना आवश्यक है।

सह सचिव डॉ. प्रियदर्शी ओझा ने बताया कि, व्यक्ति को स्वास्थ्य के अधिकार के साथ- साथ, महंगी दवाइयां पूरी उपलब्ध कराई जानी चहिए।

विश्व स्वास्थ्य दिवस पर स्वास्थ्य संबंधी प्रमुख मुद्दे चर्चा का विषय है जैसे सुस्त जीवनशैली और खान-पान की खराब आदतों के कारण मधुमेह, हृदय रोग और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियाँ विश्व स्तर पर बढ़ रही हैं। जिनके प्रति जागरूकता फैलाई जानी चहिए।

डॉ कुणाल आमेटा ने बताया कि मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना (अब मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य) राजस्थान के सभी निवासियों के लिए है।यह मुख्य रूप से। राजस्थान में गरीब परिवारों, NFSA, SECC लाभार्थियों, छोटे किसानों, ईडब्ल्यूएस परिवारों और संविदा कर्मियों को मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत निःशुल्क (फ्री) इलाज की सुविधा दी जाती है। इस योजना के अंतर्गत योग्य परिवारों को अब 25 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज सरकारी और मान्यता प्राप्त निजी अस्पतालों में मिलता है।

जो बहुत अच्छी योजना है। इसके कार्ड की समय सीमा एक वर्ष है। जो बढ़ाकर और अधिक कर देनी चाहिए साथ ही "चिरंजीव" मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य कार्ड एक्सपायर होने से पहले संबंधित व्यक्ति को सूचना देनी चाहिए।

धर्मेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि-विश्व स्वास्थ्य दिवस का आयोजन यह दर्शाता है कि स्वास्थ्य हमारी सर्वोपरि चिंता का विषय बना हुआ है। आज अधिकांश लोग जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों और जलवायु परिवर्तन से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं के कारण कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। यह दिवस लोगों को स्वयं की देखभाल के तरीकों और दूसरों की देखभाल के प्रति उनके दृष्टिकोण का मूल्यांकन करने में मदद करने के लिए समर्पित है।

विश्व स्वास्थ्य दिवस का मूल संदेश यह है कि सभी लोगों को उच्च गुणवत्ता वाले चिकित्सा उपचार तक पहुंच प्राप्त होनी चाहिए, यह उनका मौलिक अधिकार है।


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