उदयपुर, रोटरी क्लब उदयपुर द्वारा “उदयपुर में पर्यटन के विभिन्न आयाम एवं संभावनाएं” विषयक वार्ता आयोजित की गई। मुख्य अतिथि पर्यटन विभाग की डिप्टी डायरेक्टर शिखा सक्सेना ने विस्तारपूर्वक अपने विचार व्यक्त किए।

उन्होंने उदयपुर को विश्वस्तरीय पर्यटन नगरी बताते हुए कहा कि यह शहर केवल झीलों और महलों तक सीमित नहीं है, बल्कि हेरिटेज, सांस्कृतिक, इको-टूरिज्म और वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने पर्यटन के सतत् विकास के लिए नवाचार, स्थानीय सहभागिता और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार को आवश्यक बताया।
शिखा सक्सेना ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से पर्यटन के प्रभावी प्रचार-प्रसार, स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने और पर्यटकों को बेहतर व गुणवत्तापूर्ण अनुभव प्रदान करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से न केवल पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।उन्होंने पर्यटन के विस्तार, नवाचार और इससे जुड़े संभावित अवसरों पर अपने विचार व्यक्त किये।
प्रारम्भ में क्लब अध्यक्ष दीपक मेहता ने अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि हम बहुत भाग्यशाली है कि हम पर्यटन नगरी उदयपुर जैसे शहर में जन्म लिया है। हमारंे पास सुन्दर महल, तालाब, मेडिकल काॅलेज,खदानें जैसी सुन्दर जगह है जो विश्व के किसी शहर में देखनें को नहीं मिलती है। सरकार पर्यटन विकास पर भी काफी राशि खर्च कर रही है ताकि शहर में पर्यटकों का आवाजाही और अधिक बढ़़ सकें।
क्लब सचिव विनीत दमानी ने विगत पखवाड़े में आयोजित किये गये कार्यक्रमों की जानकारी दी और शिखा सक्सेना का परिचय दिया। प्रारम्भ में श्रीमती राजेन्द्र चैहान ने ईश वंदना प्रस्तुत की। अंबालाल बोहरा ने शिखा सक्सेना को उपरना ओढ़ाकर स्वागत किया। अंत में पूर्व प्रान्तपाल निर्मल सिंघवी ने शिखा स्क्सेना को स्मृतिचिन्ह प्रदान किया। यह कार्यक्रम उदयपुर के पर्यटन को नई दिशा देने और उसके बहुआयामी विकास को गति प्रदान करने की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल साबित हुआ।