उदयपुर | डूंगरपुर जिले के धंबोला में चल रही भागवत कथा पंडाल में अखिल भारतीय श्री त्रिवेदी मेवाड़ा ब्राह्मण समाज संस्थान की राष्ट्रीय बैठक कथा व्यास शास्त्री हार्दिक भाई के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुई। संस्थान के संरक्षक पवन कुमार अमरावत ने बताया कि बैठक में देशभर से समाज के पदाधिकारी, विभिन्न चौखला प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाज के राष्ट्रीय संयोजक भूपेंद्र पंड्या ने की।
कार्यक्रम में व्यासपीठ पर मुख्य अतिथि के रूप में बड़ोदरा से आये शास्त्री हार्दिक कुमार किशोर भाई पंड्या ने भागवत ज्ञान कराया। विशिष्ट अतिथियों में प्रियाकांत पण्डया, लक्ष्मीनारायण पंड्या, सुनील जोशी उज्जैन, पवन अमरावत, हंसमुख पंड्या, जगदीश त्रिवेदी, हेमन्त पण्डया, दिनेश प्रभावत, प्रवीण त्रिवेदी व हेमन्त त्रिवेदी रहे।
महिला अतिथियों में राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष पुष्प लता उपाध्याय, दया भट्ट, सुनीता शुक्ला, जय श्री पाठक, शिल्पा पण्डया, गिरा भट्ट, तिलोत्तमा पण्डया रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। धंबोला इकाई अध्यक्ष एवं राजनीतिक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिनेश पण्डया ने अतिथियों का स्वागत करते हुए समाज की एकता एवं संगठन की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। चौरासी चौखला अध्यक्ष किशोर पंड्या ने स्वागत उद्बोधन दिया।
राष्ट्रीय महासचिव विनोद पानेरी एवं महेश जोशी ने सामूहिक संचालन करते हुए कार्यक्रम को सुव्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाया। बैठक में समाज के संगठन विस्तार, युवा सहभागिता, छात्रावास संचालन, समाज की संपत्तियों के संरक्षण तथा आगामी भूमि पूजन कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
इस अवसर पर राष्ट्रीय संयोजक भूपेंद्र पंड्या ने आगामी 22 जून को सेक्टर-14 स्थित समाज की नवीन भूमि पर आयोजित होने वाले भव्य एवं दिव्य भूमि पूजन कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम समाज की एकता, संगठन शक्ति एवं सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक बनेगा। उन्होंने देशभर से 10 हजार से अधिक समाजजनों की उपस्थिति सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
भूपेंद्र पंड्या ने कहा कि भूमि पूजन कार्यक्रम को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रत्येक चौखला एवं इकाई स्तर पर व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत प्रत्येक घर तक विशेष पत्रक एवं आमंत्रण पत्र पहुंचाने की योजना बनाई गई है। साथ ही समाज की पुराणिक एवं पारंपरिक पद्धति के अनुसार लाल-पीले चावल के साथ प्रत्येक परिवार को व्यक्तिगत रूप से निमंत्रण देने का निर्णय लिया गया, जिससे समाज की सांस्कृतिक परंपराओं एवं आत्मीयता को सुदृढ़ किया जा सकें।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रत्येक परिवार से पुरुष, महिला एवं युवाओं सहित न्यूनतम तीन सदस्यों की उपस्थिति सुनिश्चित करने हेतु विशेष संपर्क अभियान चलाया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि यह केवल भूमि पूजन कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज की भावी पीढ़ियों के लिए संगठनात्मक शक्ति प्रदर्शन का अवसर है।
बैठक में विभिन्न चौखलाओं के अध्यक्षों एवं प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में समाज के प्रचार-प्रसार एवं संगठन विस्तार की योजनाओं पर विचार रखे।
हंसमुख पंड्या ने समाज की विभिन्न संपत्तियों को एक ट्रस्ट के अंतर्गत लाकर मजबूत एवं पारदर्शी व्यवस्था तंत्र विकसित करने का सुझाव दिया। डूंगरपुर छात्रावास के व्यवस्थापक प्रियाकांत पंड्या ने छात्रावासों के बेहतर संचालन, विद्यार्थियों के हितों एवं भविष्य की योजनाओं पर अपने विचार रखे।
लक्ष्मीनारायण पंड्या, पवन अमरावत एवं विनोद पाण्डे ने भूमि पूजन कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने के लिए समाज के प्रत्येक परिवार तक व्यक्तिगत रूप से पहुंचने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज की एकता एवं सहभागिता ही इस आयोजन की सबसे बड़ी शक्ति होगी।