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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में 21 जून तक निःशुल्क दैनिक योग सत्र, सामुदायिक योग अभियान भी होगा संचालित

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01 Jun 26
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उदयपुर। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर योग के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने तथा स्वस्थ समाज के निर्माण के उद्देश्य से समग्रम होलिस्टिक इको-वेलनेस, उदयपुर द्वारा एक विशेष योग जागरुकता अभियान प्रारम्भ किया गया है। इस अभियान के अंतर्गत 1 जून से 21 जून 2026 तक प्रतिदिन प्रातः 6:00 बजे से 7:00 बजे तक निःशुल्क योग सत्रों का आयोजन किया जा रहा है। ये सत्र समग्रम इको-पिरामिड, शोभागपुरा पंचायत के सामने, उदयपुर में आयोजित होंगे, जहां शहरवासी बिना किसी शुल्क के योगाभ्यास, प्राणायाम एवं ध्यान का लाभ ले सकेंगे।

संस्था के संचालक एवं राजस्थान के पूर्व प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ. निहाल जैन ने बताया कि वर्तमान समय में बढ़ती भागदौड़, तनावपूर्ण जीवनशैली और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बीच योग मानव जीवन के लिए एक प्रभावी और वैज्ञानिक समाधान बनकर उभरा है। इसी उद्देश्य से संस्था द्वारा यह विशेष अभियान प्रारम्भ किया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोगों को योग के प्रति प्रेरित किया जा सके और उन्हें शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य के महत्व से अवगत कराया जा सके।

उन्होंने बताया कि इन योग सत्रों में केवल योगासन ही नहीं, बल्कि प्राणायाम, ध्यान, प्राकृतिक चिकित्सा, पंचतत्व आधारित स्वास्थ्य पद्धति तथा संतुलित जीवनशैली से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी जाएंगी। प्रशिक्षित योग विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों को योग की विभिन्न विधियों का अभ्यास कराया जाएगा, जिससे वे अपने दैनिक जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकें।

इस अवसर पर संस्था द्वारा “सामुदायिक योग अभियान” भी संचालित किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत किसी भी सोसाइटी, कॉलोनी, पार्क, विद्यालय, महाविद्यालय, सरकारी अथवा निजी कार्यालय, सामाजिक संगठन या अन्य समूहों में योग शिविर आयोजित करने के लिए प्रशिक्षित योग प्रशिक्षकों की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए न्यूनतम 20 से 25 प्रतिभागियों का समूह होना आवश्यक होगा। संस्था का उद्देश्य योग को घर-घर तक पहुंचाना तथा सामुदायिक स्तर पर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

प्राकृतिक चिकित्सक डॉ. चेतन दाधीच ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को केवल एक आयोजन तक सीमित न रखते हुए इसे एक सतत जनआंदोलन का स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति, सामाजिक संस्थाएं अथवा शैक्षणिक संगठन स्वयं योग सत्रों का संचालन करना चाहते हैं, उन्हें विशेष प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाएगा। इस प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को योगाभ्यास के वैज्ञानिक पक्ष, अभ्यास की विधियां तथा समूह संचालन की तकनीकों से परिचित कराया जाएगा, ताकि वे अपने स्तर पर प्रभावी योग कार्यक्रम आयोजित कर सकें।

समग्रम संस्थान के संस्थापक एवं भारतीय वन सेवा से सेवानिवृत्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ. एन. सी. जैन ने बताया कि समग्रम इको-पिरामिड का निर्माण पंचतत्वों के संतुलन एवं प्राकृतिक चिकित्सा की अवधारणा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया है। यह केंद्र प्रकृति, स्वास्थ्य और आध्यात्मिकता के समन्वय का एक अनूठा उदाहरण है, जहां व्यक्ति प्राकृतिक वातावरण में स्वयं को शारीरिक एवं मानसिक रूप से पुनर्संतुलित कर सकता है।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के योग समन्वयक डॉ. शोभालाल औदिच्य ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम का माध्यम नहीं है, बल्कि यह संपूर्ण स्वास्थ्य, मानसिक शांति और जीवनशैली सुधार का आधार है। नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को तनाव, चिंता, अवसाद, उच्च रक्तचाप, मधुमेह तथा अन्य जीवनशैली जनित रोगों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। योग मन, शरीर और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित कर व्यक्ति को सकारात्मक, ऊर्जावान और जागरूक बनाता है।

उन्होंने कहा कि आज पूरे विश्व में योग को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर के रूप में स्वीकार किया जा रहा है और करोड़ों लोग इसके लाभ प्राप्त कर रहे हैं। ऐसे में प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह योग को अपनी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाए तथा परिवार और समाज को भी इसके प्रति प्रेरित करे।

संस्था ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इन निःशुल्क योग सत्रों में सहभागिता करें तथा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को केवल एक दिवस के आयोजन तक सीमित न रखते हुए इसे स्वस्थ, जागरूक और संतुलित जीवन के संकल्प के रूप में अपनाएं। योग के माध्यम से स्वस्थ भारत और स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में यह अभियान एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।


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