उदयपुर। जिला कलक्टर के निर्देशानुसार जिला परिषद सभागार में अतिरिक्त जिला कलक्टर दीपेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, ब्लॉक चिकित्सा अधिकारियों, जिला एवं उप जिला चिकित्सालयों तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सा प्रभारी अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक को संबोधित करते हुए अतिरिक्त जिला कलक्टर दीपेन्द्र सिंह राठौड़ ने सभी स्वास्थ्य संस्थानों में फायर ऑडिट और इलेक्ट्रिकल ऑडिट समय पर करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम सुनिश्चित की जा सकेगी। साथ ही संस्थानों में दवाइयों की उपलब्धता, उपकरणों की कार्यशीलता और उनके उचित रखरखाव पर विशेष ध्यान देने को कहा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक आदित्य ने बताया कि पारस हॉस्पिटल द्वारा आरजीएचएस मरीजों से नगद भुगतान लेने की शिकायत प्राप्त हुई थी। इस पर अस्पताल प्रबंधन को बैठक में तलब कर संबंधित मरीज को राशि वापस करने तथा भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति नहीं होने के निर्देश दिए गए। उन्होंने उप जिला चिकित्सालय मावली में सीजेरियन प्रसव की संख्या बढ़ाने के लिए भी आवश्यक कदम उठाने को कहा।
बैठक में आगामी 28 जून से शुरू होने वाले तीन दिवसीय पल्स पोलियो अभियान की तैयारियों की समीक्षा की गई। सीएमएचओ द्वितीय डॉ. ओमप्रकाश रायपुरिया और आरसीएचओ डॉ. राकेश गुप्ता ने अभियान को सफल बनाने तथा अधिक से अधिक बच्चों तक पोलियो की खुराक पहुंचाने के निर्देश दिए। कम टीकाकरण वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी और समीक्षा बैठकें आयोजित करने पर जोर दिया गया।
मानसून को देखते हुए डिप्टी सीएमएचओ डॉ. विक्रम सिंह ने डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए मच्छर नियंत्रण गतिविधियां तेज करने तथा अल्फा स्प्रे करवाने के निर्देश दिए। वहीं एसएमओ डब्ल्यूएचओ डॉ. अक्षय व्यास ने टीकाकरण की कम प्रगति पर चिंता व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा।
बैठक में गर्भवती महिलाओं के समय पर पंजीकरण, नियमित जांच, एचपीवी टीकाकरण, परिवार नियोजन सेवाओं के विस्तार, कैंसर स्क्रीनिंग बढ़ाने तथा स्वास्थ्य योजनाओं के लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को संपर्क पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।