उदयपुर। विप्र समाज की उदीयमान प्रतिभाओं के सम्मान एवं युवाओं को उच्च प्रशासनिक सेवाओं की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से आगामी 12 जुलाई 2026 को राष्ट्रीय तीर्थ, प्रताप गौरव केंद्र में आयोजित किया जाएगा। प्रतिभाओं के सम्मान समारोह एवं प्रशासनिक सेवा परीक्षा मार्गदर्शन सेमिनार की तैयारियों को लेकर विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय संरक्षक धर्मनारायण जोशी के निवास पर एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक संपन्न हुई। बैठक में कार्यक्रम को भव्य, सुव्यवस्थित एवं समाजोपयोगी स्वरूप प्रदान करने हेतु विभिन्न आयामों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए धर्मनारायण जोशी ने कहा कि समाज की मेधावी प्रतिभाओं का सम्मान केवल व्यक्तियों का अभिनंदन नहीं, अपितु संपूर्ण समाज की शैक्षणिक चेतना, संस्कार एवं उपलब्धियों का उत्सव है। उन्होंने कार्यक्रम को समाज के लिए प्रेरणा, प्रोत्साहन एवं मार्गदर्शन का एक सशक्त मंच बताते हुए सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से पूर्ण समर्पण एवं सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।
इस अवसर पर विप्र फाउंडेशन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति सदस्य तथा प्रदेश शिक्षा, रोजगार एवं प्रतियोगी परीक्षा प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक डॉ. एच. आर. दवे ने कार्यक्रम की तैयारियों, अब तक किए गए प्रयासों तथा आगामी कार्ययोजना का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने जानकारी दी कि समाज की अधिकतम प्रतिभाओं तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए शीघ्र ही विभिन्न श्रेणियों हेतु पृथक-पृथक गूगल पंजीयन प्रपत्र जारी किए जाएंगे। इन प्रपत्रों के माध्यम से शैक्षणिक क्षेत्र, खेल, कला, संस्कृति में राज्य अथवा राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट उपलब्धि अर्जित करने वाले विप्र प्रतिभाओं, व्यावसायिक एवं प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों तथा राजस्थान में आईएएस, आईपीएस, आरएएस, आरपीएस, आरजेएस एवं अन्य प्रतिष्ठित सेवाओं में चयनित विप्र प्रतिभाओं का पंजीयन किया जाएगा। साथ ही प्रशासनिक सेवाओं एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए भी पृथक पंजीयन व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वे अनुभवी प्रशासनिक अधिकारियों, टॉपर्स एवं विशेषज्ञों के मार्गदर्शन का लाभ प्राप्त कर सकें। विप्र फाउंडेशन जोन 1-ए उदयपुर के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र पालीवाल ने कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन हेतु गठित विभिन्न समितियों की कार्यप्रणाली, दायित्व निर्धारण एवं समयबद्ध कार्ययोजना का विस्तृत खाका प्रस्तुत करते हुए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन समाज की शैक्षणिक एवं बौद्धिक उन्नति की दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध होगा। प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव गणेश नागदा ने कार्यक्रम को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने, व्यापक जनजागरण अभियान संचालित करने, प्रेस एवं सोशल मीडिया के माध्यम से प्रभावी प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने तथा अधिकाधिक विद्यार्थियों एवं अभिभावकों की सहभागिता बढ़ाने संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। बैठक में आवासीय व्यवस्था समिति के प्रभारी दिनेश शुक्ला, कार्यक्रम संयोजक लोकेश पालीवाल, प्रिंट एवं पुरस्कार व्यवस्था प्रभारी नीरज नागदा सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने आयोजन को अभूतपूर्व सफलता प्रदान करने के लिए पूर्ण निष्ठा एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया। बैठक के अंत में समाज के भामाशाहों, शिक्षाविदों, प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं विप्र बंधुओं से इस महत्त्वपूर्ण आयोजन में यथाशक्ति सहयोग प्रदान कर समाज की भावी पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया गया।