उदयपुर। शहर की प्रतिष्ठित सांस्कृतिक संस्था सूरों की मण्डली द्वारा डॉक्टर्स डे के अवसर पर मधुश्री बैंक्वेट हॉल, अशोका पैलेस में आयोजित संगीतमय संध्या यादगार बन गई। इस विशेष आयोजन में चिकित्सकों और संगीत प्रेमियों ने एक मंच पर अपनी मधुर प्रस्तुतियों से ऐसा समां बांधा कि पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। कार्यक्रम में शहर के चिकित्सकों एवं सुरसाधकों ने एक से बढ़कर एक सदाबहार गीत प्रस्तुत कर उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
संस्थापक अध्यक्ष मुकेश माधवानी ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य समाज को अपनी सेवाओं से स्वस्थ रखने वाले चिकित्सकों के प्रति सम्मान व्यक्त करना और उनके भीतर छिपी संगीत प्रतिभा को मंच प्रदान करना था। कार्यक्रम में कुल 42 सुरसाधकों ने सदाबहार हिंदी फिल्मी गीतों की शानदार प्रस्तुतियां देकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
मुख्य अतिथि पूर्व राज्य मंत्री हरीश राजानी ने "जो तुमको हो पसंद वही बात करेंगे" गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि एनआरआई रशीदा जी ने "रिमझिम गिरे सावन, सुलग-सुलग जाए मन" प्रस्तुत कर शानदार शुरुआत की। इसके बाद डॉ. राजीव पंड्या ने "दिल का आलम मैं क्या बताऊँ तुझे, महबूब मेरे", डॉ. उपवन पंड्या एवं डॉ. शर्वा पंड्या ने युगल गीत "रातें ये मौसम, नदी का किनारा" तथा "वादा कर ले साजना तेरे बिना मैं ना रहूँ", डॉ. गौरव छाबड़ा ने "गुंचे लगे हैं कहने", डॉ. निशांत असवानी ने "न तुम हमें जानो, न हम तुम्हें जानें", डॉ. जगदीश जीनगर ने "हमने तुमसे प्यार किया है जितना, कौन करेगा उतना" प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम संयोजक रमेश दतवानी ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ बालिका आराध्या वैष्णव एवं नारी शक्ति द्वारा सरस्वती वंदना से हुआ। बालिका आराध्या वैष्णव ने "शीशा हो या दिल हो, आखिर टूट जाता है", विजय सिंह ने "आते-जाते खूबसूरत आवारा सड़कों पे" तथा सुरेंद्र दत्त व्यास ने "ये नैन डरे-डरे, ये जाम भरे-भरे" प्रस्तुत कर खूब सराहना बटोरी। संगीता गोस्वामी ने "जो तुमको हो पसंद वो ही बात करेंगे" विशिष्ट अतिथि देवेन्द्र सिंह ने "और इस दिल में क्या रखा है" गीता सिंह राठौड़ में "मुझे तुम मिल गये हो" गीत गाए। इसके अतिरिक्त लगभग 30 अन्य चिकित्सकों एवं सुरसाधकों ने भी अपनी शानदार प्रस्तुतियां दीं।
कार्यक्रम में डॉ. मुकेश गर्ग, डॉ. दीपमाला चौधरी, डॉ. शक्ति सिंह, डॉ. अनूपमा, डॉ. नेहा किशनानी, डॉ. जूही भम्भाणी, डॉ. भागचंद जी, डॉ. जूही निशात असवानी सहित अनेक सम्मानित चिकित्सक उपस्थित रहे। सभी चिकित्सकों का उपरणा एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया।
आयोजन को सफल बनाने में सह-संयोजक ईआर. आर.के. नेभनानी, सी.पी. गंधर्व, मधु केवल्या, रजलेश जीनगर, संस्था के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ईआर. सी.पी. जैन, मोहन सोनी, उपाध्यक्ष कैलाश केवल्या तथा सचिव अरुण चौबीसा का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम के दौरान सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के लिए भोजन प्रसाद की व्यवस्था भी की गई। अंत में सह-संयोजक ईआर. आर.के. नेभनानी ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।