उदयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार द्वारा आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का सशक्त माध्यम साबित हो रहे हैं। इसी कड़ी में मंगलवार पंचायत समिति झाडोल की ग्राम पंचायत माणस में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर नारी सशक्तिकरण की एक अनूठी मिसाल बनकर उभरा, जहाँ दो ग्रामीण महिलाओं के जीवन में खुशहाली का नया सवेरा आया।
अभियान के तहत मंगलवार को जावर, बोरी, वाटी, जावड़, भानसोल, टूसडांगियान, वाना, पाणुन्द, मादड़ा, पडावली खुर्द, गुंदाली, गोरण, माणस, नेवज, बरोठी भीलान, सारोली, जायरा, पण्ड्यावाड़ा, ढेलाणा, बडली, मेड़ी एवं घाटा ग्राम पंचायतों में सेवा शिविर हुए।
एकल महिला को मिला मालिकाना हक
झाड़ोल पंचायत समिति की ग्राम पंचायत माणस में हुए शिविर में एक एकल महिला को अपने आशियाने का मालिकाना हक मिला। माणस की रहने वाली एकल नारी गीता देवी पत्नी स्वर्गीय चेतन कुमार लंबे समय से अपने आशियाने के मालिकाना हक के लिए परेशान थीं। जब वह अपनी इस समस्या को लेकर शिविर में पहुंचीं, तो शिविर प्रभारी एवं विकास अधिकारी जितेन्द्र सिंह राजावत के निर्देशन में अधिकारियों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत कार्रवाई की। मौके पर ही सभी कागजी औपचारिकताएं पूरी कर गीता देवी को आवासीय पट्टा सौंपकर उन्हें सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा का अहसास कराया गया।
रोजगार की राह हुई आसान
माणस निवासी फुला मेघवाल पत्नी सुरेश मेघवाल का वी. बी. रामजी योजना का जॉब कार्ड निष्क्रिय होने के कारण उनके सामने रोजगार का संकट था। शिविर में न केवल त्वरित कार्रवाई करते हुए उनके जॉब कार्ड को पुनः एक्टिव किया गया, बल्कि महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए उन्हें वीबीरामजी में ही मेट के रूप में पंजीकृत भी किया गया। अब फुला देवी एक लीडर के रूप में अन्य श्रमिकों के काम का प्रबंधन संभालेंगी। इन दोनों ही बड़ी सफलताओं के बाद लाभार्थी गीता देवी और फुला मेघवाल ने महिला सुरक्षा और रोजगार को प्राथमिकता देने के लिए मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा और राजस्थान सरकार का दिल से आभार व्यक्त किया।
बुधवार को यहां होंगे शिविर
अभियान के तहत बुधवार को ग्राम पंचायत गौरेला, भल्लों का गुड़ा, वरडा, बोयणा, साकरिया खेड़ा, नांदवेल, कुण्डई, बांसड़ा, मदारड़ा, मोडी, भानपुरा, नांदेशमा, माकड़ादेव सलदरी, बिरोठी, सुलई, कातर, भोमटावाड़ा, गरनाला, कोटड़ा, बिछीवाड़ा, बेडाधर, तेजा का वास एवं उखलियात में शिविर होंगे। वहीं नगरीय निकायों में भी शिविरों का संचालन जारी रहेगा।