उदयपुर। राज्य सरकार द्वारा आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान का सशक्त माध्यम बनकर उभर रहे हैं। ग्राम पंचायत वाटी में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में वर्षों से लंबित एक राजस्व प्रकरण का मौके पर समाधान करते हुए जोधा का तालाब निवासी 66 वर्षीय अम्बाव सिंह पुत्र धन सिंह खरवड़ को राजस्व अभिलेखों में उनकी सही पहचान दिलाई गई।
यह थी समस्या
राजस्व अभिलेखों में नाम एवं पिता के नाम की गलत प्रविष्टि के कारण अम्बाव सिंह को लंबे समय से विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। शिविर से एक दिन पूर्व उन्होंने अपनी समस्या पटवारी के समक्ष प्रस्तुत की।
यूं हुआ समाधान
आवेदन प्राप्त होने पर राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956 की धारा 136 के तहत राजस्व अभिलेख संशोधन का प्रस्ताव तैयार कर शिविर में तहसीलदार के समक्ष प्रस्तुत किया गया। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि ग्राम जोधा का तालाब एवं ग्राम टाकड़ा की भागल की संवत् 2043-46 की जमाबंदी में खाता संख्या 102 पर उनका नाम “अंबाव पुत्र धन्ना” दर्ज था, जबकि बाद की संवत् 2047-50 की जमाबंदी में त्रुटिवश “अंबावा पुत्र धुला” दर्ज हो गया। नवीन राजस्व ग्राम बनने के बाद यही त्रुटिपूर्ण प्रविष्टि ग्राम जोधा का तालाब के खाता संख्या 72 तथा ग्राम टाकड़ा की भागल के खाता संख्या 97 में भी दर्ज रही। तहसीलदार की जांच रिपोर्ट के आधार पर उपखंड अधिकारी, बड़गांव मनसुख डामोर ने राजस्व अभिलेखों में दर्ज गलत नाम “अंबावा पुत्र धुला” के स्थान पर सही नाम “अम्बाव सिंह पुत्र धन सिंह खरवड़” दर्ज करने के आदेश जारी किए। आदेश की पालना के साथ ही वर्षों पुरानी राजस्व त्रुटि का स्थायी समाधान हो गया। उल्लेखनीय है कि ग्राम पंचायत वाटी में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान खाता शुद्धि के कुल 10 प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण किया गया।
अब मिल सकेगा यह लाभ
अम्बाव सिंह के आधार कार्ड, बैंक खाते, मतदाता सूची एवं अन्य सरकारी अभिलेखों में उनका नाम पहले से ही सही दर्ज था। अब राजस्व अभिलेखों में भी संशोधन होने से उनके सभी दस्तावेजों में एकरूपता स्थापित हो गई है। इससे वे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), कृषि विद्युत कनेक्शन तथा कृषि एवं उद्यान विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के प्राप्त कर सकेंगे।
जताया आभार
संशोधन आदेश प्राप्त होने पर अम्बाव सिंह ने जिला प्रशासन, राज्य सरकार तथा ग्रामीण सेवा शिविर से जुड़े अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों से लंबित उनकी समस्या का समाधान एक ही शिविर में होना उनके लिए अत्यंत संतोष एवं राहत का विषय है।