उदयपुर | प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं प्रवक्ता पंकज कुमार शर्मा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह देश के छात्रों और युवाओं के संघर्ष तथा लोकतांत्रिक आवाज़ की जीत है। यह जवाबदेही पहले ही तय हो जानी चाहिए थी।
शर्मा ने कहा कि जंतर-मंतर पर अपने भविष्य और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया, लेकिन युवाओं ने लोकतांत्रिक तरीके से अपना संघर्ष जारी रखा। अंततः सरकार को झुकना पड़ा और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेना पड़ा।
शर्मा ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों की आवाज़ को संसद में पूरी मजबूती से उठाया। इतना ही नहीं, उन्होंने प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना देकर छात्रों के साथ एकजुटता दिखाई और उनकी आवाज़ को सड़क से लेकर संसद तक बुलंद किया। इसी निरंतर संघर्ष और जनदबाव का परिणाम है कि सरकार को जवाबदेही स्वीकार करनी पड़ी।
उन्होंने कहा कि केवल इस्तीफा पर्याप्त नहीं है। पेपर लीक से प्रभावित छात्रों को न्याय मिलना चाहिए तथा इस पूरे मामले के दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया है, उनकी पीड़ा की भरपाई संभव नहीं है।
पंकज कुमार शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री को देश के छात्रों से माफी मांगनी चाहिए तथा भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए।