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महाराणा भूपाल कॉलेज पूर्व छात्र परिषद का मासिक स्नेह मिलन समारोह आयोजित | कारगिल विजय दिवस पर विशेष व्याख्यान

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26 Jul 26
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महाराणा भूपाल कॉलेज पूर्व छात्र परिषद का मासिक स्नेह मिलन समारोह आयोजित | कारगिल विजय दिवस पर विशेष व्याख्यान

उदयपुर  | महाराणा भूपाल कॉलेज पूर्व छात्र परिषद का मासिक स्नेह मिलन समारोह कॉलेज के विवेकानंद सभागार में आयोजित हुआ | विशिष्ट अतिथि कृष्ण शर्मा, परिषद के अध्यक्ष प्रोफेसर महीप भटनागर, महासचिव  शांतिलाल भंडारी, डॉ  आर के गर्ग  मंचासीन थे |
डॉ महीप भटनागर ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि आज उनके साथ नव भारत स्कूल के पूर्व अध्यापक एवं परिषद के वरिष्ठतम सदस्य कृष्ण शर्मा मंचासीन है जो कि अत्यंत सम्मानजनक है। उन्होंने परिषद द्वारा दी गई छात्रवृत्ति का विवरण सदन में प्रस्तुत किया।
महासचिव शांति लाल भंडारी ने सभी से बढ़ चढ़ कर परिषद की गतिविधियों में सहयोग करने की अपील की। डॉ आर के गर्ग ने गत माह का प्रतिवेदन पढ़ कर स्वीकृत कराया। जन्म दिन समिति संयोजक अविनाश भटनागर ने माह जुलाई में जन्मे 11 सदस्यों के साथ कर्नल अभय लोढ़ा, एम पी जैन, अरुण अग्रवाल, प्रकाश तातेड का विशेष उपलब्धियों के लिए सम्मान कराया।
स्वास्थ्य वार्ता के अंतर्गत डॉ निर्मल कुमार बंसल ने मौसम संबंधित त्वचा रोग व देखभाल की जानकारी देते हुए बताया कि रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी होने से वरिष्ठ में हरपीज, फोड़े फुंसी, नाखून में कवक, मस्सा आदि की समस्या होती है।
एम पी जैन ने एम बी कॉलेज पूर्व छात्र डॉ डी एस कोठारी का जीवन वृत प्रस्तुत किया।
संस्कृतिक प्रस्तुतियों में एस आर तिवारी ने गुलजार के मशहूर नज्म जिंदगी, निवेदिता बक्शी - आ चल के तुझे मैं ले के चलूं, प्रो विमल शर्मा ने स्वरचित कविता, स्नेहलता लोढ़ा -  सलाम उन शहीदों को, पारस हिंगड - ए मेरे प्यारे वतन, सीता शर्मा - बनवारी रे जीने का सहारा तेरा नाम,  डॉ नरेश शर्मा - डम डम डिगा डिगा, शिवा तलेसरा - पंछी बनू उड़ती फिरूं , डॉ बी एल चावत - कोई जब तुम्हारा हृदय तोड़ दे, मंजू सिसोदिया - नुक्ताची है गमे दिल प्रस्तुत किया
कर्नल अभय लोढ़ा ने कारगिल युद्ध की बारीकियां सांझा करते हुए बताया कि 1500 शहीदों में झुंझुनूं, सीकर, चूरू के कई नौजवान शामिल हैं।
कारगिल युद्ध  में अदम्य साहसी मनोज पांडे, संजय कुमार, विक्रम बत्रा, योगेंद्र यादव जैसे अनेक वीर सेनिको की गाथाएं आज के युवाओ के लिए प्रेरणा दायक है। उदयपुर के पंडित विश्वेश्वर शर्मा का तरन्नुम में गीत प्रस्तुत कर कर्नल लोढ़ा ने माहौल को कुछ हल्का करते हुए धन्यवाद की रस्म अदा की। 
अंत में स्व शर्मिला बंसल की स्मृति में दो मिनट का मौन रख श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
 


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