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वरिष्ठ साहित्यकार एवं शिक्षाविद् उषा रानी का साहित्यिक अवदान सराहनीय

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05 Aug 26
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वरिष्ठ साहित्यकार एवं शिक्षाविद् उषा रानी का साहित्यिक अवदान सराहनीय

उदयपुर। शिक्षा एवं साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापिका एवं वरिष्ठ साहित्यकार उषा रानी को उनके बहुमूल्य साहित्यिक योगदान के लिए पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र की ओर से प्रशंसा-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।केंद्र निदेशक अश्विन दलवी की ओर से प्रदत्त प्रशंसा-पत्र में उल्लेख किया गया कि 11 दिसंबर 1949 को जन्मी उषा रानी ने अपने शिक्षकीय जीवन के साथ-साथ साहित्य साधना को भी निरंतर आगे बढ़ाया।

उन्होंने अपनी सृजनात्मक लेखनी से हिन्दी साहित्य को समृद्ध किया है। उनकी 100 से अधिक कहानियों का प्रसारण आकाशवाणी बीकानेर एवं जयपुर केंद्रों से हो चुका है।

इसके अतिरिक्त युववाणी कार्यक्रम में उनकी अनेक साहित्यिक वार्ताएं भी प्रसारित हुई हैं, जिन्हें श्रोताओं ने भरपूर सराहा।उषा रानी की 638 से अधिक कहानियां देश की प्रतिष्ठित हिन्दी पत्र-पत्रिकाओं एवं समाचार-पत्रों में प्रकाशित हो चुकी हैं।

उनकी रचनाए शिविरा, मुक्ता, सरिता सहित अनेक साहित्यिक एवं शैक्षणिक पत्रिकाओं में प्रकाशित होकर व्यापक पाठक वर्ग तक पहुंची हैं।उनकी कहानियां सामाजिक सरोकारों, मानवीय मूल्यों, नारी सशक्तिकरण, संस्कारों तथा जीवन के यथार्थ को सहज एवं प्रभावशाली भाषा में प्रस्तुत करती हैं।

शिक्षा एवं साहित्य के प्रति उनका समर्पण नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके बहुमूल्य योगदान ने उन्हें प्रदेश के सम्मानित साहित्यकारों एवं शिक्षाविदों की अग्रिम पंक्ति में स्थापित किया है।

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