उदयपुर : भारत में आयोजित तीसरे ग्लोबल एसएसआई मल्टी-स्पेशियल्टी रोबोटिक सर्जरी कॉन्फ्रेंस 2026 के दौरान अत्याधुनिक चिकित्सा और रक्षा तकनीकों की ऐतिहासिक झलक देखने को मिली। इस अवसर पर एसएस इनोवेशन इंटरनेशनल ने दो क्रांतिकारी तकनीकों प्रोजेक्ट विमाना और प्रोजेक्ट ऑपेरियन का अनावरण किया जो भविष्य की सर्जिकल और आपातकालीन चिकित्सा प्रणाली को नई दिशा देने वाली मानी जा रही हैं।
तीन दिवसीय इस वैश्विक सम्मेलन में दुनिया भर के 1500 से अधिक डॉक्टरों और 250 से अधिक विशेषज्ञों ने भाग लिया। सम्मेलन में रोबोटिक सर्जरी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेली-सर्जरी और मोबाइल ऑपरेटिंग प्लेटफॉर्म जैसी अत्याधुनिक तकनीकों पर चर्चा की गई। इस दौरान एसएसआई मंत्रा -3 और मंत्रआसन के माध्यम से 15 लाइव टेली-सर्जरी और 14 लाइव सर्जरी का सफल प्रदर्शन किया गया।
सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव की उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर देश-दुनिया के कई प्रतिष्ठित विशेषज्ञ जैसेडॉ. नरेश त्रेहान, डॉ. संगीता रेड्डी, डॉ. फ्रेडरिक मोल, मधुसूदन साई और डॉ. मायलस्वामी अन्नादुरई भी मौजूद रहे। प्रतापराव जाधव ने कहा कि भारत धीरे-धीरे वैश्विक मेडटेक और इनोवेशन लीडर के रूप में उभर रहा है और एसएस इनोवेशन जैसी कंपनियां इसमें अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। प्रोजेक्ट विमाना, प्रोजेक्ट ऑपेरियन और एसएसआई काया जैसी तकनीकें आत्मनिर्भर भारत की भावना को मजबूत करती हैं और भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने में अहम भूमिका निभाएंगी।
एसएस इनोवेशन इंटरनेशनल के संस्थापक, चेयरमैन और सीईओ डॉ. सुधीर श्रीवास्तव ने कहा कि एसएमआरएससी 2026 हमारे उस मिशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसके तहत हम विश्वस्तरीय सर्जिकल सेवाओं को अधिक सुलभ और किफायती बनाना चाहते हैं। प्रोजेक्ट विमाना और प्रोजेक्ट ऑपेरियन जैसी तकनीकें अस्पतालों की सीमाओं से आगे बढ़कर युद्धक्षेत्र, आपदा क्षेत्रों और दूरदराज के समुदायों तक सर्जिकल सेवाएं पहुंचाने में मदद करेंगी।
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