उदयपुर | लोकजन सेवा संस्थान व जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ के संयुक्त तत्वाधान में पांच दिवसीय 142वीं महाराणा भूपाल जन्म जयंती समारोह के तृतीय दिन कुलपति सभागर मे आयोजित संगोष्ठी की अध्यक्षता कुलाधिपति भंवर लाल गुर्जर ने की | संस्थान अध्यक्ष प्रोफेसर विमल शर्मा ने बताया की 'महाराणा भूपाल सिंह युगीन मेवाड़' विषय पर आयोजित इस संगोष्ठी मे जोधपुर विश्वविद्यालय के प्रो. सुशीला शक्तावत मुख्य अतिथि थे , विशिष्ट अतिथि पूर्व कुलपति डॉ उमा शंकर शर्मा, पूर्व न्यायाधीश शारंगधर परिहार, कवित्री डॉ मधु अग्रवाल थी|
अध्यक्ष भंवर लाल गुर्जर ने महाराणा भूपाल सिंह के श्रमजीवी कालेज एवं विद्यापीठ की स्थापना एवं विस्तार के लिए अतुलनीय कार्य की सराहना करते हुए बताया की एक समय जब 2500 लोग सायंकालीन कक्षा से छूट अपने घरों को जाते तब शहर की हर गली मे रौनक हो जाती थी|
मुख्य अतिथि डॉ सुशीला शक्तावत ने महाराणा भूपाल सिंह के शासन को उदारवादी एवं सुधारवादी युग के प्रारम्भ की संज्ञा दी |
बिहार से पूर्व न्यायाधीश शारंगधर परिहार ने सात हजार वर्ष ईसा पूर्व राजा मान्धाता द्वारा मेनारिया समाज को 60 हजार बीधा दान करने का वर्णन करते हुए मेवाड़ के प्राचीन गौरवशाली इतिहास को वर्णित किया |
डॉ उमा शंकर शर्मा ने हरित ऋषि एवं नागदा ब्रह्म की इतिहासिक पृष्ठभूमि का वर्णन किया |
तकनिकी पत्रों में :-
डॉ जे के ओझा ने धर्म सहिष्णु भूपाल सिंह के समय किए लक्षचंडी महायज्ञ एवं अन्य धार्मिक प्रायोजनो का वर्णन किया |
डॉ राजेंद्र नाथ पुरोहित ने महाराणा भूपाल सिंह का जीवन चरित्र प्रस्तुत करते हुए उनकी धर्म निष्ठ दिनचर्या प्रस्तुत की |
डॉ बसंत कश्यप ने मेवाड़ की चित्रकला पर विस्तृत विवेचना करते हुए उदयपुर के राष्ट्रीय पुरस्कार विजेताओं की कला शैली बताई |
डॉ मनीष श्रीमाली के पत्र
'महाराणा भूपाल सिंह कालीन उदयपुर' सहित चार शोधार्थी पत्रों की तथ्यात्मक प्रस्तुति को खूब सराहा गया व उन्हें आगामी प्रकाशन में समायोजित करने की स्वीकृति प्रदान की गई|
संचालन डॉ कुल शेखर व्यास ने किया व डॉ विमल शर्मा ने आभार व्यक्त किया |
महासचिव जय किशन चौबे ने बताया की शनिवार दोपहर 2 बजे से श्रमजीवी महाविद्यालय के सोमानी सभागार मे काव्य गोष्ठी का आयोजन होगा |
Education News
महाराणा भूपाल सिंह के समय रात्रिकालीन कक्षा समाप्ति पर 2500 लोगों का उत्साही रेला शहर की हर गली मै रौनक लाता - भंवर लाल गुर्जर
मेवाड़ का इतिहास ईसा से 7000 वर्ष पुराना - जस्टिस परिहार
Related stories
Need to Connect the New Generation with the Legacy of Haldighati and Dewair: Union Minister Shekhawat
Udaipur: Union Minister for Culture and Tourism Gajendra Singh Shekhawat said that the younger generation mus…
Panel Discussion on “Medical Tourism in Udaipur: Possibilities and Challenges” Held on World Tourism Day
Udaipur: On the occasion of World Tourism Day, the Tourism and Hotel Management Programme of Mohanlal Sukhadi…
Seeing the World Through the Camera: Photography Workshop Organised at Pacific College
Udaipur: A photography workshop was organised at Pacific College, Chitrakoot Nagar, on Saturday by Pacific Co…
BCI Yuva Investor Connect 2026 Held in Rajasthan, Attracts Registrations from 350 Startups
Udaipur: BCI Yuva Investor Connect 2026 was organised at IIM Udaipur with the objective of strengthening the…