कोटा। राजस्थान सरकार के भाषा एवं पुस्तकालय विभाग की उपनिदेशक डॉ. अनीता शर्मा ने शनिवार को राजकीय सार्वजनिक मंडल पुस्तकालय, कोटा का निरीक्षण किया और यहाँ उपलब्ध व्यवस्थाओं, सेवाओं व निर्माण कार्यों की गहन समीक्षा की। उन्होंने पुस्तकालय में चल रहे नवाचारों, दृष्टिबाधित, दिव्यांगजनों, अस्थायी रूप से दिव्यांग व्यक्तियों तथा घुमंतू (Nomadic) समुदायों के लिए चल रही सेवाओं को अद्वितीय पहल करार देते हुए विशेष प्रशंसा की।
निरीक्षण के उपरांत डॉ. शर्मा ने कहा कि “आपके नवाचारों को अन्य पुस्तकालय अध्यक्षों के क्षमता अभिवर्धन हेतु आपके मार्गदर्शन में राज्यस्तरीय कार्यशाला आयोजित करेंगे। कोटा मंडल पुस्तकालय ने जिस तरह से आधुनिक सेवाओं और समावेशन की दिशा में काम किया है, वह अन्य पुस्तकालयों के लिए प्रेरणादायक है।”
उन्होंने पुस्तकालय की रोकड़ पंजिका, परिग्रहण पंजिका, भंडार पंजिका, बजट नियंत्रण पंजिका और पुस्तक रख-रखाव प्रणाली को संतोषजनक पाया। साथ ही राजा राममोहन राय पुस्तकालय प्रतिष्ठान, कोलकाता की वित्तीय सहायता से चल रहे निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण कर गुणवत्ता की सराहना की।
इसके अतिरिक्त उन्होंने ऑनलाइन पब्लिक एक्सेस कैटलॉग (OPAC), नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी ऑफ इंडिया (NDLI) क्लब, पुस्तकालय स्वचालन प्रणाली और असिस्टिव टेक्नोलॉजी का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि “यह पुस्तकालय केवल पुस्तकों का भंडार नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक और समावेशन से सुसज्जित ज्ञान का केंद्र है।”
संभागीय पुस्तकालय अध्यक्ष डॉ. दीपक कुमार श्रीवास्तव ने पुस्तकालय की नवाचारमूलक सेवाओं पर जानकारी देते हुए बताया कि “यहाँ अस्थायी रूप से दिव्यांग व्यक्तियों को डिजिटल और भौतिक सहूलियतें उपलब्ध कराई जाती हैं, वहीं घुमंतू समुदायों तक मोबाइल पुस्तकालय सेवाएँ पहुँचाई जा रही हैं ताकि ज्ञान हर व्यक्ति तक पहुँचे। इसी कारण यहाँ नियमित पाठकों की संख्या निरंतर बढ़ रही है।”
निरीक्षण के दौरान पाठकों ने भी अपने अनुभव साझा किए और बताया कि इस पुस्तकालय ने उन्हें अध्ययन के साथ-साथ एक समावेशी और तकनीकी दृष्टि से उन्नत वातावरण प्रदान किया है।
डॉ. शर्मा का यह दौरा पुस्तकालय के लिए उत्साह और प्रोत्साहन का स्रोत बना और यह संकेत भी दिया कि राज्य सरकार पुस्तकालयों को पारंपरिक अध्ययन केंद्र से आगे बढ़ाकर नवाचार, समावेशन और तकनीक-सक्षम संस्थान बनाने के लिए गंभीर है।
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