रेलवे कॉलोनी थाना प्रभारी सीआई रामस्वरूप मीणा के नेतृत्व में पुलिस टीम को लगातार सफलता मिल रही है। इसी कड़ी में टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए गुजरात के व्यापारियों को अपहरणकर्ताओं के चंगुल से मुक्त कराया।

20 लाख की फिरौती के लिए अपहरण

कोटा सिटी एसपी तेजस्वनी गौतम ने बताया कि व्यापारियों का महाराष्ट्र से अपहरण कर 20 लाख की फिरौती मांगी गई थी। बदमाश अपहरण के बाद पिस्टल की नोक पर गिरोह में शामिल महिला के साथ आपत्तिजनक वीडियो बनाते और फिर उसे वायरल करने की धमकी देकर रकम ऐंठते थे।

पिस्टल और कारतूस बरामद

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 2 पिस्टल और 1 जिंदा कारतूस बरामद किया। इस पूरी कार्रवाई के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिलीप कुमार सैनी और पुलिस उपाधीक्षक गंगा सहाय शर्मा की निगरानी में थाना प्रभारी मीणा के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम गठित की गई थी।

टीम का गठन

इस टीम में एएसआई रामसिंह, अब्दुल लतीफ, हैड कांस्टेबल कपिल गर्वे, कांस्टेबल लक्ष्मण, अजीत, सुरेश, राधेश्याम, दीवान, डीएसटी टीम के सहायक ऑपरेशन रामवीर, हैड कांस्टेबल सुरेंद्र, अशोक कुमार, कांस्टेबल प्रदीप, शौकत, जयवीर और रोहिताश शामिल रहे।

गिरोह का तरीका-ए-वारदात

गिरोह में मोहम्मद जुनैद, नेहाल अहमद, इल्लु, अमान पठान उर्फ बब्बू, सद्दाम, रविंद्र और ताहिर जैसे अपराधी प्रवृत्ति के लोग शामिल थे। यह सभी अमीर और प्रतिष्ठित लोगों को निशाना बनाकर आर्थिक शोषण करते थे।

किसी भी कमी या नकारात्मक तथ्य का विश्लेषण कर अपहरण करते।

कमी को समाज में उजागर करने की धमकी देकर ब्लैकमेलिंग करते।

यदि कोई कमी सामने नहीं आती तो महिला के साथ आपत्तिजनक वीडियो बनाकर बदनाम करने का डर दिखाकर फिरौती वसूलते।

इस संगठित गिरोह का पर्दाफाश रेलवे कॉलोनी थाना प्रभारी सीआई रामस्वरूप मीणा और उनकी टीम के लिए एक और बड़ी उपलब्धि साबित हुआ।

 

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