कोटा। गीता जयंती के अवसर पर राजकीय सार्वजनिक मंडल पुस्तकालय, कोटा में 1 दिसंबर 2025 को संभाग स्तरीय व्याख्यान माला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय “गीता : आधुनिक जीवन की जटिलताओं का सरल मार्गदर्शन” रखा गया, जिसमें बड़ी संख्या में पाठकों, विद्यार्थियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने सहभागिता दर्ज कराई।
गीता जयंती पर व्याख्यान माला का उद्घाटन भाषण देते हुए डॉ. दीपक कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि तेजी से बदलते समय में गीता का ज्ञान जीवन को सरल, स्थिर और संतुलित बनाने की वास्तविक शक्ति है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेन्द्र कुमार भार्गव रहे, जिन्होंने गीता के उपदेशों को आज के तनावग्रस्त और दवाबपूर्ण जीवन में अपनाए जाने योग्य व्यावहारिक सूत्रों के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि गीता का संदेश केवल आध्यात्मिक नहीं, बल्कि मानसिक अनुशासन और संतुलित जीवन का वैज्ञानिक मार्ग है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता भगवद गीता आचार्य एवं राष्ट्रीय कवियत्री सुश्री शिवांगी सिंह सिकरवार ने की। उन्होंने अपने उद्बोधन में गीता को “जीवन प्रबंधन का सर्वोत्तम शास्त्र” बताते हुए युवा पीढ़ी को इसके अभ्यास की आवश्यकता पर बल दिया।
विशिष्ट अतिथि के रूप में संयुक्त चिकित्सा महासंघ कोटा के कोषाध्यक्ष श्री गौरव जैन उपस्थित रहे। उन्होंने गीता को तनाव-नियंत्रण और सकारात्मक मनोदशा के निर्माण में प्रभावी ग्रंथ बताया।
गेस्ट ऑफ ऑनर श्वेता चौधरी तथा नव्या शर्मा ने भी प्रस्तुति दी | कार्यक्रम का कुशल संचालन श्री के.बी. दीक्षित ने किया। सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन सहायक पुस्तकालय अध्यक्ष शशि जैन द्वारा किया गया।
व्याख्यान माला का आयोजन डॉ. एस.आर. रंगानाथन कन्वेंशनल हाल, राजकीय सार्वजनिक मंडल पुस्तकालय, कोटा में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम ने साहित्य, संस्कृति और अध्यात्म में रुचि रखने वाले सभी प्रतिभागियों पर गहरा प्रभाव छोड़ा।
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