कोटा। राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर स्वामी विवेकानंद जयंती के उपलक्ष्य में “स्वामी विवेकानंद : आत्मनिर्माण से राष्ट्रनिर्माण तक” विषय पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मंचासीन अतिथियों के आवाहन, सरस्वती पूजन एवं स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। सरस्वती वंदना डॉ. शशि जैन द्वारा प्रस्तुत की गई।

उद्घाटन भाषण में डॉ. दीपक कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का दर्शन युवाओं को आत्मविश्वासी, अनुशासित एवं राष्ट्र के प्रति समर्पित नागरिक बनाता है।

मुख्य वक्ता एवं अति विशिष्ट अतिथि श्री प्रशांत टेल्यहानी (अस्तोदय के लेखक एवं विचारक) ने आत्मनिर्माण को राष्ट्रनिर्माण की आधारशिला बताते हुए युवाओं से विचार, चरित्र और कर्म की शुद्धता पर बल दिया।

मुख्य अतिथि अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री धर्मराज मीना "भारत"ने कहा कि विवेकानंद के विचार सामाजिक न्याय, नैतिकता और संवैधानिक मूल्यों को सुदृढ़ करते हैं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व प्राचार्य कॉलेज शिक्षा विभाग श्री के.बी. भारतीय ने की। गेस्ट ऑफ ऑनर श्री राजू गुप्ता (पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी, फीडरलाईट समूह) ने नेतृत्व और कर्मयोग पर विचार रखे।

विशिष्ट अतिथियों में डॉ. नमिता पारीक (प्रोफेसर, जवाहर लाल नेहरू शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, कोटा) एवं डॉ. कृष्णा कुमारी (ख्यातनाम लेखिका एवं बाल साहित्यकार) उपस्थित रहीं।

आमंत्रित अतिथियों में श्री नरेंद्र कुमार शर्मा (अधिवक्ता एवं विकास समिति सदस्य), श्रीमती सीमा हाड़ा (मुख्य कार्यकारी एवं निरीक्षक, सहकारी विभाग, कोटा), श्री मनोहर पारीक (वरिष्ठ पत्रकार), श्री बिगुल कुमार जैन (सेवानिवृत्त उप मुख्य अभियंता, तापीय परियोजना कोटा), डॉ. रश्मि श्रीवास्तव (प्रोफेसर, गेस्ट फैकल्टी, कोटा विश्वविद्यालय), श्री लेखराज शर्मा (वरिष्ठ पत्रकार), डॉ. इशिका चिका (प्रिंसिपल लाइब्रेरियन, नाइजीरिया) एवं डॉ. हुसैनी मूसा (प्रिंसिपल लाइब्रेरियन, नाइजीरिया) उपस्थित रहे।कार्यक्रम के अंत में डॉ. शशि जैन ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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