राजस्थान के साहित्यिक आंदोलन की श्रृंखला में परिचर्चा और व्याख्यान सम्पन्न
सलूम्बर में सक्सेना ने ‘उठो, बोलो, लिखो और विचारों से दुनिया बदल दो‘ का संदेश दिया
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सलूम्बर में सक्सेना ने ‘उठो, बोलो, लिखो और विचारों से दुनिया बदल दो‘ का संदेश दिया
संवेदना की पृष्ठभूमि पर महकता यादों का स्तबक है संस्मरण कृति,"नई बात निकलकर आती है"