उदयपुर, भारत के राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' की रचना के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में राजस्थान कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर, उदयपुर परिसर में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। महाविद्यालय के अधिष्ठिता डॉ. मनोज कुमार महला तथा सहायक अधिष्ठिता छात्र कल्याण डॉ. श्रीधर सिंह लखावत ने अपने उद्बोधन में बताया कि 'वंदे मातरम' राष्ट्रवाद की अमर ज्योति है, जो देशवासियों के हृदय में सदैव उजागर रहती है। उन्होंने कहा कि यह गीत नवयुवाओं को एकता, बलिदान, और सच्ची देशभक्ति के भाव से ओत-प्रोत करता है, तथा भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का केंद्र बना हुआ है। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त शिक्षकगण, प्रशासानिक ऑफिसर डॉ रमेश बाबू एवं समस्थ कर्मचारी तथा विद्यार्थीगण ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम गीत का गायन किया। सभी प्रतिभागियों ने तन्मयता से गीत को स्वरबद्ध कर देश के प्रति समर्पण भाव का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के अंत में अधिष्ठिता डॉ. महला ने उपस्थितजनों को देशभक्ति की भावना को बनाए रखने तथा राष्ट्रीय एकता में योगदान देने का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया।
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