उदयपुर, प्रौद्योगिकी एवं अभियांत्रिकी महाविद्यालय (CTAE), उदयपुर में आज राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं जयंती हर्षोल्लास, उत्साह और गहरी देशभक्ति की भावना के साथ मनाई गई। यह आयोजन डीन डॉ. राम हरि मीणा के मार्गदर्शन एवं सह-डीन (छात्र कल्याण) डॉ. विक्रमादित्य दवे के संयोजन में संपन्न हुआ।

डॉ. विक्रमादित्य दवे ने बताया कि इस अवसर पर लगभग 200 विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत ‘वंदे मातरम्’ के इतिहास, रचना और उसके राष्ट्रीय महत्व पर आधारित विस्तृत प्रस्तुति से हुई, जिसमें विद्यार्थियों को गीत की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से अवगत कराया गया।

कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों ने एक साथ खड़े होकर ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक वाचन किया, जिससे परिसर में देशभक्ति और एकता की भावना वातावरण में व्याप्त हो गई।

अपने उद्बोधन में डीन डॉ. राम हरि मीणा ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि यह राष्ट्र के प्रति समर्पण, मातृभूमि के प्रति प्रेम और आत्मगौरव की भावना का प्रतीक है। उन्होंने छात्रों को प्रेरित किया कि वे इस भावना को अपने जीवन, विचार और कार्य में आत्मसात करें तथा देश की प्रगति में योगदान दें।

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