उदयपुरआज दिनांक 19.11.2025 को राजस्थान कृषि महाविद्यालय उदयपुर (राज ) के अधिष्ठाता प्रोफेसर डॉ एम के महला की अनुमति पर कृषि स्नातक तृतीय वर्ष के छात्र-छात्राओं द्वारा भू-सौन्दर्य विज्ञान पाठ्यक्रम के तहत महाराणा प्रताप विमान पतन डबोक पर प्रायोगिक भ्रमण कर भू-सौन्दर्य की जानकारी प्राप्त की। इस क्षेत्र में सड़क किनारे लगाए गए पौधों की श्रृंखला में नीम, मोलसरी प्लूमेरिया, बोगनवेल्या, क्लोरोंडेन्ड्रोम, तिवेतिया, टिकोमा, सीरस, चाइनीज पाम, इकजोरा एवं हेज के रूप मे सीजलपीनिया, एजिंग हेतु इरेसीन, ऑल्टरनेंथरा, आदि के केन्द्रीय पट्टी, डिवाइडर में विभिन्न प्रकार के सिद्धांत रिदम, मोनोटानी तोड़ना, विविधीकरण, संतुलन एवं एकता की जानकारी प्रायोगिक रूप से प्राप्त की। डॉ एल.एन. महावार प्रोफेसर उद्यान विज्ञान द्वारा किस प्रकार से विमान पतन केन्द्र को सुदृद्ध सौन्दर्य प्रदान करने के लिये फूल का रंग, फूल का समय, पती की आकृति को ध्यान में रखते हुए वायु प्रदुषण, ध्वनि प्रदूषण, धूल प्रदूषण एवं उपयुक्त वृक्ष, झाड़ी, लता की पहचान कर आदि का उपयोग कर कार्बन एवं प्रदूषण को कम किया जा सकता है एवं विमान पतन केन्द्र का प्राकृतिक सौन्दर्य बढ़ाया जा सके। इस अवसर पर डी जी एम ऑपरेशन श्री रविन्द्र कुमार एवं श्री भरत गुप्ता द्वारा विभिन्न सर्किल एवं आवासीय कोलोनी में विमान पतन, चिल्ड्रन पार्क में लगे हुए टर्मिनेलिया कटपा एवं हेज, एज, लाइट एवं यूटिलिटी फीचर की जानकारी से अवगत करवाया। इसके उपरांत भारतीय प्रबधन संस्थान, उदयपुर पर प्राकृतिक सौन्दर्य के सिद्धान्त के आधार पर पहाडी क्षेत्र में भू-सौन्दर्य बढ़‌ाने हेतु रॉक गार्डन में लगने वाले उपयोगी पौधों की जानकारी प्राप्त कर कैसे नव निर्मित संस्थान का भू-सोन्दर्य बढ़ाया जा सके ।इस दौरान कम पानी में लगने वाले उपयुक्त पौधों बोगनवेल्यिा, क्लोरो डेन्ड्रोन, शीशम, सीरस, टिकोमा एवं इंडोर सौन्दर्य हेतु सिन्डेपसस, एवं ट्रेवलर पाम आदि की प्रायोगिक जानकारी प्प्राप्त की । श्री गजेन्द्रसिंह सुरक्षा अधिकारी द्वारा 24 छात्र-छात्राओं को जानकारी दी सहयोग एवं मार्गदर्शन हेतु बागाराम पूनिया व राहुल गोयल द्वारा हार्दिक आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित किया गया ।

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