उदयपुर | महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमपीयूएटी) के कुलपति डॉ. प्रताप सिंह ने राजस्थान कृषि महाविद्यालय के आनुवंशिकी एवं पादप प्रजनन विभाग में संचालित शैक्षणिक एवं अनुसंधान गतिविधियों का अवलोकन किया। इस अवसर पर राजस्थान कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. एम.के. महला, विभागाध्यक्ष डॉ. हेमलता शर्मा, विभाग के संकाय सदस्य डॉ. अमित दाधीच, डॉ. अभय दशोरा, डॉ. पी.बी. सिंह सहित अन्य संकाय सदस्य डॉ. रविकांत शर्मा, सह निदेशक (अनुसंधान), डॉ. के.के. यादव एवं डॉ. सुभाष चंद्र मीणा एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। इस अवसर पर उन्होंने विभागाध्यक्ष, संकाय सदस्यों एवं विद्यार्थियों से संवाद कर विभाग में संचालित अनुसंधान एवं शिक्षण गतिविधियों की जानकारी ली।
उन्होंने संकाय सदस्यों एवं विद्यार्थियों से उनके अनुसंधान कार्य को आवश्यकता-आधारित शोध पर केंद्रित करने का आह्वान किया। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने अपने अनुभवों के आधार पर कहा कि आज के तीव्र प्रतिस्पर्धी युग में केवल परंपरागत ज्ञान पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। समय की मांग है कि विद्यार्थी नवाचार की भावना, तकनीकी प्रवीणता तथा व्यावहारिक समझ को विकसित करें। उन्होंने बल देते हुए कहा कि स्पष्ट लक्ष्य निर्धारण, निरंतर परिश्रम, दृढ़ अनुशासन और सकारात्मक दृष्टिकोण ही सफलता की वास्तविक कुंजी हैं। इस दौरान कुलगुरु ने विद्यार्थियों से अनुसंधान कार्यों तथा छात्रावास संबंधी समस्याओं पर विस्तृत संवाद किया।
डॉ. एम.के. महला ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु उपलब्ध सुविधाओं पर चर्चा की तथा भविष्य में विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए बेहतर शैक्षणिक एवं अनुसंधान सुविधाएं उपलब्ध कराने की संकल्पना पर प्रकाश डाला। विभागाध्यक्ष डॉ. हेमलता शर्मा ने कुलपति, अधिष्ठाता एवं उपस्थित सभी संकाय सदस्यों के प्रति विभाग की ओर से आभार व्यक्त किया।
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