उदयपुर। पंचायत समिति फलासिया में अनुसूचित जनजाति उपयोजना अंतर्गत मशरूम उत्पादन पर एक दिवसीय प्रशिक्षण
फलासिया। मशरूम अनुसंधान निदेशालय, मशरूम अनुसंधान निदेशालय (डीएमआर) के तत्वावधान में तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के सहयोग से अनुसूचित जनजाति उपयोजना अंतर्गत पंचायत समिति फलासिया सभागार में एक दिवसीय मशरूम तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में पंचायत समिति फलासिया क्षेत्र के 100 किसानों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में डीएमआर के वैज्ञानिक जगदीश ने मशरूम उत्पादन की वैज्ञानिक पद्धतियों, गुणवत्तायुक्त स्पॉन चयन, कम्पोस्ट निर्माण, तापमान एवं नमी प्रबंधन तथा रोग नियंत्रण के विषय में जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक तरीके से मशरूम उत्पादन कर किसान कम लागत में अधिक लाभ अर्जित कर सकते हैं।
इस अवसर पर महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर के प्रोफेसर डॉ. नारायण मीना ने मशरूम की आधुनिक तकनीकों एवं उत्पादन प्रबंधन पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया। उन्होंने मशरूम उत्पादन को आदिवासी क्षेत्र में आजीविका वर्धन का प्रभावी माध्यम बताते हुए किसानों को इसे स्वरोजगार के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य अनुसूचित जनजाति क्षेत्र के किसानों को नवीन कृषि तकनीकों से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि करना था। प्रशिक्षण के दौरान किसानों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए विभिन्न तकनीकी प्रश्नों के समाधान प्राप्त किए।
अंत में किसानों ने इस प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की।
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