महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर में समन्वित गेहूँ एवं जौ सुधार परियोजना के अंतर्गत संचालित TSP अनुसूचित जनजाति योजना के माध्यम से जायद मूंग की उन्नत किस्म ‘विराट‘ का बीज 50 चयनित किसानों को वितरित किया गया। इस अवसर पर दिनांक 27.02.2026 को आयोजित एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम में किसानों को उन्नत उत्पादन तकनीकों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

कार्यक्रम में परियोजना प्रभारी डॉ. जगदीश चोधरी ने जायद मूंग की उन्नत उत्पादन प्रौद्योगिकियों, उच्च गुणवत्ता बीज चयन, संतुलित उर्वरक प्रबंधन एवं बेहतर फसल पद्धतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि उन्नत किस्म ‘विराट‘ अधिक उत्पादन क्षमता के साथ रोगों के प्रति सहनशील हैए जिससे किसानों की आय में वृद्धि संभव है।

कृषि विभाग, राजस्थान सरकार के कृषि अनुसंधान अधिकारी (कीट विज्ञान) डॉ. कुलदीप सुथार ने दलहनी फसलों में लगने वाले प्रमुख कीट एवं रोगों की पहचान तथा उनके प्रभावी प्रबंधन की जानकारी दी। उन्होंने रासायनिक नियंत्रण के साथ-साथ जैविक कीट नियंत्रण उपायों को अपनाने पर विशेष जोर दिया, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ टिकाऊ  कृषि को बढ़ावा मिल सके।

प्रशिक्षण के दौरान डॉ. अमित बिश्नोई ने बदलते मौसम के परिप्रेक्ष्य में दलहनी फसलों के समुचित प्रबंधन, सिंचाई व्यवस्था, पोषक तत्व प्रबंधन तथा समय पर कीट-रोग नियंत्रण की रणनीतियों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने किसानों को मौसम आधारित कृषि पद्धतियों  अपनाने की सलाह दी।

कार्यक्रम के अंत में श्री सांवरिया लाल धाकड़ ने सभी अतिथियों एवं किसानों का आभार व्यक्त किया तथा किसानों के पंजीयन की प्रक्रिया पूर्ण कर कार्यक्रम का समापन किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने इसे उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की अपेक्षा व्यक्त की ।

 

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