जैसलमेर । राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान, जयपुर द्वारा नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 का कार्यक्रम 19 अगस्त को घोषित किए जाने के साथ ही जिले के नगर परिषद् जैसलमेर एवं नगर पालिका पोकरण के निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। निर्वाचन प्रक्रिया पूर्ण होने तक आचार संहिता की प्रभावी एवं अक्षरशः पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

भारत के संविधान के अनुच्छेद 24र्3। राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 एवं राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत समस्त संबंधित विभागों एवं कार्यालयों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि निर्वाचन क्षेत्रों में कोई नई योजना, नवीन विकास कार्य अथवा नई प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी नहीं की जाए। साथ ही नए कार्यादेश जारी करने पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

जिला निर्वाचन अधिकारी(कलक्टर) अनुपमा जोरवाल ने इस संबंध में समस्त जिला स्तरीय अधिकारियों, कार्योलयाध्यक्षों, आयुक्त नगरपरिषद जैसलमेर एवं अधिशाषी अधिकारी नगरपालिका पोकरण को पत्र प्रेषित कर निर्देशित किया है िकवे आदर्श आचार संहिता की पालना सुनिश्चित करेगे।

पूर्व स्वीकृत एवं प्रगतिरत कार्य रहेंगे जारी आचार संहिता लागू होने से पूर्व 19 अगस्त 2026 तक जिन विकास कार्यों के कार्यादेश जारी हो चुके हैं अथवा जो कार्य स्थल पर भौतिक रूप से प्रारंभ हो चुके हैं, वे प्रभावित नहीं होंगे और नियमानुसार जारी रखे जा सकेंगे।

शिलान्यास, लोकार्पण एवं उद्घाटन पर पूर्ण रोक मतदाताओं को प्रभावित करने वाले शिलान्यास, भूमि पूजन, लोकार्पण एवं उद्घाटन कार्यक्रमों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। आचार संहिता प्रभावी रहने के दौरान संबंधित नगर पालिका/नगर परिषद् की साधारण सभा अथवा बोर्ड बैठकों का आयोजन भी नहीं किया जाएगा।

पट्टा, भूमि एवं ऋण वितरण पर प्रतिबंध निर्वाचन अवधि में संबंधित नगरीय निकाय क्षेत्रों में भूमि आवंटन, पट्टा वितरण एवं ऋण वितरण से संबंधित कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा तथा ऐसे शिविर अथवा कार्यक्रम भी आयोजित नहीं किए जाएंगे।

सरकारी वाहनों एवं संसाधनों के चुनावी उपयोग पर सख्त रोक किसी भी जनप्रतिनिधि द्वारा चुनाव प्रचार के लिए सरकारी अथवा स्थानीय निकाय के वाहनों एवं राजकीय सुविधाओं का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। निर्वाचन परिणाम घोषित होने तक नगरीय निकायों एवं सार्वजनिक उपक्रमों आदि के वाहनों का अभ्यर्थियों, उनके पदाधिकारियों अथवा राजनीतिक व्यक्तियों द्वारा चुनावी प्रयोजन से उपयोग निषिद्ध रहेगा।

मंत्रियों के दौरों पर भी रहेगी निगरानी निर्वाचन से संबंधित नगरपालिका क्षेत्र में चुनाव समाप्ति तक मंत्रीगण शासकीय दौरे पर नहीं रहेंगे। कानून-व्यवस्था अथवा आपात स्थिति में आवश्यक दौरे की पूर्व सूचना राज्य निर्वाचन आयोग को दी जाएगी। निजी दौरों के दौरान सरकारी वाहन, लालबत्ती अथवा सायरन का उपयोग नहीं किया जाएगा तथा अधिकारी उनके स्वागत या प्रोटोकॉल में उपस्थित नहीं होंगे।

सरकारी विश्राम गृहों का राजनीतिक उपयोग प्रतिबंधित सरकारी विश्राम गृह, डाक बंगले एवं अन्य सरकारी आवासों अथवा उनके परिसरों का उपयोग किसी राजनीतिक दल या अभ्यर्थी द्वारा चुनाव प्रचार कार्यालय अथवा चुनावी बैठक के लिए नहीं किया जा सकेगा।

निर्वाचन कार्य में लगे अधिकारी-कर्मचारी आयोग के प्रतिनियुक्त माने जाएंगे राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 की धारा 19 के तहत निर्वाचन एवं मतदाता सूची कार्य में नियोजित सभी अधिकारी एवं कर्मचारी निर्वाचन अवधि में राज्य निर्वाचन आयोग में प्रतिनियुक्त माने जाएंगे। निर्वाचन दायित्वों में लापरवाही या शिथिलता पाए जाने पर धारा 20 एवं संबंधित नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

प्रचार सामग्री एवं वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 की धारा 23 एवं राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत चुनाव प्रचार वाहनों एवं लाउडस्पीकरों के अनधिकृत उपयोग पर रोक रहेगी। साथ ही सरकारी संपत्तियों एवं भवनों पर लगे कट-आउट, होर्डिंग्स, फ्लैक्स, बैनर एवं अन्य प्रचार सामग्री को तत्काल हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों, अधिकारियों, स्थानीय निकायों एवं संबंधित कार्मिकों को आदर्श आचार संहिता की पूर्ण, निष्पक्ष एवं प्रभावी पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।