उदयपुर। उदयपुर की ऐतिहासिक विरासत, स्थापत्य, गलियों, बाजारों, प्राकृतिक सौंदर्य और रोजमर्रा के जीवन को रेखाओं में सहेजने वाले अर्बन स्केचर्स उदयपुर (USK) की चौथी प्रदर्शनी का शनिवार को आरके मॉल में भव्य शुभारंभ हुआ। समूह की 200 सप्ताह की निरंतर स्केचिंग यात्रा के उपलक्ष्य में आयोजित दो दिवसीय प्रदर्शनी में शहर सहित विभिन्न स्थानों और विषयों पर बनाए गए सैकड़ों जीवंत रेखाचित्र प्रदर्शित किए गए।
प्रदर्शनी का उद्घाटन राजस्थान मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. आनंद गुप्ता ने किया।
इस अवसर पर पुलिस मुख्यालय जयपुर के अतिरिक्त निदेशक डॉ. कमलेश शर्मा, कलाप्रेमी प्रवीण कपूर आदि अतिथियों ने प्रदर्शनी में प्रदर्शित रेखाचित्रों का अवलोकन किया और कलाकारों की रचनात्मकता की सराहना की।
अर्बन स्केचर्स प्रमुख सुनील लड्ढा व स्केच आर्टिस्ट शिखा पुरोहित ने अतिथियों को प्रदर्शनी का अवलोकन कराते हुए प्रदर्शित विषयवस्तु की जानकारी दी।
रेखाओं में सहेजा जा रहा लेकसिटी का सौंदर्य उद्घाटन अवसर पर डॉ. आनंद गुप्ता ने कहा कि अर्बन स्केचिंग केवल चित्र बनाने की कला नहीं, बल्कि शहर को देखने, समझने और उसकी स्मृतियों को सहेजने का रचनात्मक माध्यम है।
उदयपुर के शिल्प, स्थापत्य और नैसर्गिक सौंदर्य को रेखाओं के जरिये संरक्षित करने का यह प्रयास बेहद सराहनीय है। उन्होंने कलाकारों के कला कौशल की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास शहर की विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अतिथियों ने भी थामी कूची, रंगों से रचा कैनवास प्रदर्शनी के उद्घाटन को कलाकारों के साथ अतिथियों ने भी अपनी रचनात्मक भागीदारी से खास बना दिया।
डॉ. आनंद गुप्ता, पुलिस मुख्यालय जयपुर के अतिरिक्त निदेशक डॉ. कमलेश शर्मा और कलाप्रेमी प्रवीण कपूर सहित अतिथियों ने रंग और कूंची थाम कर स्वयं चित्र तैयार किए।
अतिथियों द्वारा बनाए गए इन चित्रों ने उद्घाटन समारोह को औपचारिक आयोजन से आगे बढ़ाकर एक जीवंत कला उत्सव का रूप दे दिया।
इस दौरान यूसीसीआई चेयरमैन संदीप बापना, मुकेश गुरनानी, संदीप राठौड़ सहित कई वरिष्ठ कलाप्रेमियों व उद्योगपतियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और प्रशंसा की।
200 सप्ताह पूरे होने पर विशेष स्मृति चिन्ह कार्यक्रम के दौरान श्री सुरेश पालीवाल द्वारा अर्बन स्केचर्स उदयपुर को 200 सप्ताह पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विशेष स्मृति चिन्ह (मेमेंटो) भेंट किया गया। यह स्मृति चिन्ह समूह की निरंतर रचनात्मक यात्रा, उपलब्धि और कला के प्रति समर्पण के सम्मान एवं उत्सव का प्रतीक रहा।
45 कलाकारों की रचनाओं ने बिखेरे कला के रंग प्रदर्शनी में अर्बन स्केचर्स उदयपुर से जुड़े अनेक कलाकारों के स्केच प्रदर्शित किए गए। इनमें आदित्य सेन, अखिलेश कुमावत, अर्पण, असद सिद्दीकी, भानु प्रताप सोनी, भावेश डूंगरी, भूमिका देपुरा, बंटी सुथार, दीप सिंह, दीपिका मेघवाल, दीप्ति आमेटा, हेमंत जोशी, देवेश व्यास, फरहान, ग्रिशा सूरी, जयेश कोठारी, कमलेश डांगी, जय खत्री, नीलोफर मुनीर, राहुल माली, राम बहादुर राणा, सूर्यभान, केनी सेन, कृष्णा, कृष्णम लड्ढा, विनीत खत्री, विश्वास आमेटा, यशस्वी श्रीवास्तव, दिनेश यादव, पारुल मंडोत, हिरल तीरगर, जिनल जैन, करिश्मा जोशी, रोहित व्यास, शिखा पुरोहित, सिमरन बिड़ला, मुकेश गुरनानी, सुरेश पालीवाल, पुरंजय श्रीमाली, तुलिका देपुरा, वरुण गुरनानी, पुविशा व्यास, सुहानी व्यास, सुनील लड्ढा और यश वाधानी के रेखाचित्र शामिल हैं।
इन कलाकारों ने अपने-अपने दृष्टिकोण से उदयपुर और अन्य स्थानों के जीवन, स्थापत्य, प्रकृति तथा सामाजिक परिवेश को कागज पर उतारा है। अलग-अलग शैली और दृष्टि से बनाए गए स्केच प्रदर्शनी में आने वाले कला प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण बने हुए हैं।
कला सीखने और समझने का भी अवसर प्रदर्शनी के साथ विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों और कार्यशालाओं का भी आयोजन किया गया। ‘कला कैसे बेचें’ विषय पर रजत कहानीवाला तथा सुरेश पालीवाल ने ‘परिप्रेक्ष्य रेखाचित्र कैसे बनाएं’ विषय पर कार्यशाला ली। राहुल माली ने लाइव स्केचिंग के माध्यम से शहरवासियों को आकर्षित किया। शाम को कृष्णा और पुविशा के साथ मुक्त मंच का आयोजन तथा असद सिद्दीकी और नीरज की संगीत संध्या के साथ पहले दिन का समापन हुआ।
अर्बन स्केचर्स प्रमुख सुनील लड्ढा ने बताया कि 200 सप्ताह की यह यात्रा केवल चित्र बनाने तक सीमित नहीं रही, बल्कि उदयपुर की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक इमारतों, स्थापत्य कला, प्रकृति और शहर के बदलते स्वरूप को लगातार दस्तावेज के रूप में दर्ज करने का प्रयास रही है। चौथी प्रदर्शनी इसी रचनात्मक यात्रा को आमजन तक पहुंचाने की पहल है।