श्रीगंगानगर। शहर के कला प्रेमियों के लिए एक खास सांस्कृतिक संध्या का इंतजार है।

राष्ट्रीय कला मंदिर के तत्वावधान में आगामी 27 सितंबर की शाम चौधरी रामजस राय ऑडिटोरियम में भव्य राजस्थानी सांस्कृतिक नृत्य का रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।

इस मंच पर राजस्थान की लोक संस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिलेगी।राष्ट्रीय कला मंदिर के अध्यक्ष वीरेंद्र बैद ने बताया कि कार्यक्रम में बाड़मेर की मशहूर नृत्यांगना प्रेम मंडा और सोनू राजस्थानी अपनी नृत्य प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करेंगे।

दोनों कलाकार राजस्थानी लोक नृत्य की पारंपरिक और ऊर्जावान शैली के लिए जाने जाते हैं।कार्यक्रम में दर्शक भवई नृत्य, मटकी नृत्य, अग्नि नृत्य और घुटना चकरी जैसी दुर्लभ व आकर्षक राजस्थानी नृत्य शैलियों से रूबरू होंगे।

भवाई नृत्य में सिर पर कई मटकियां संभालकर संतुलन के साथ थिरकना, मटकी नृत्य की लयबद्ध चाल, अग्नि नृत्य की रोमांचक प्रस्तुति और घुटना चकरी का तेज चक्कर ये सभी विधाएं राजस्थान की मरुस्थलीय संस्कृति और कलाकारों की साधना का प्रमाण हैं।

प्रेम मंडा बाड़मेर क्षेत्र की उन कलाकारों में शामिल हैं, जो गैस सिलेंडर या मटकियों पर भवाई नृत्य और घुटनों पर चकरी घुमाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देती हैं।

सोनू राजस्थानी भी लोक गीतों पर भावपूर्ण और ऊर्जा से भरपूर प्रस्तुतियां देने के लिए जानी जाती हैं।वीरेंद्र बैद ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ 27 सितंबर को शाम 6:31 बजे होगा।

संस्था की ओर से तैयारी शुरू कर दी गई है।राष्ट्रीय कला मंदिर 75 वर्षों से संगीत, नाटक और लोक संस्कृति के कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करता रहा है।

इस बार का आयोजन विशेष रूप से राजस्थानी लोक नृत्य को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है, ताकि युवा पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ सके और शहरवासियों को घर बैठे राजस्थान की रंग-बिरंगी संस्कृति का आनंद मिल सके।

अध्यक्ष वीरेंद्र बैद ने कला प्रेमियों, परिवारों और युवाओं से अपील की है कि वे समय पर पहुंचकर इस सांस्कृतिक संध्या का हिस्सा बनें।