जैसलमेर । नगर परिषद जैसलमेर के 44 वार्डों में बुधवार को हुए मतदान में लोकतंत्र के प्रति नागरिकों की प्रतिबद्धता की प्रेरक तस्वीर देखने को मिली।

मतदान केन्द्रों पर बुजुर्गों से लेकर दिव्यांगजनोंए महिलाओं और युवाओं तक में मतदान को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। किसी ने व्हीलचेयर के सहारे मतदान केन्द्र पहुंचकर मताधिकार का प्रयोग किया तो किसी ने परिजनों के कंधे का सहारा लिया।

वहीं नवमतदाताओं ने पहली बार वोट डालकर लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।

ढलती उम्र में भी मतदान का जज्बा बरकरार मतदान केन्द्रों पर बुजुर्ग मतदाताओं का उत्साह विशेष रूप से प्रेरणादायी रहा। मतदान केन्द्र संख्या 2 पर 85 वर्षीया श्रीमती कस्तूरी अपनी पोती लवली के साथ व्हीलचेयर के सहारे मतदान केन्द्र पहुंचीं और उत्साहपूर्वक मतदान किया।

इसी प्रकार मतदान केन्द्र संख्या 45 पर 87 वर्षीय घनश्यामए जिन्हें आंखों से बहुत कम दिखाई देता हैए अपने पोते तेजाराम के सहयोग से मतदान केन्द्र पहुंचे और मताधिकार का प्रयोग किया। 85 वर्षीय पदम सिंह अपने पुत्र झबर सिंह के कंधे के सहारे मतदान केन्द्र पहुंचे और वोट डाला।

मतदान केन्द्र संख्या 32 पर 90 वर्षीया श्रीमती राम कंवर ने व्हीलचेयर पर बैठकर परिवार के सहयोग से मतदान किया। वहीं वार्ड संख्या 31 में 85 वर्षीय रमन लाल भूतड़ा ने भी उम्र के इस पड़ाव में मतदान केन्द्र पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

इन बुजुर्ग मतदाताओं का उत्साह अन्य मतदाताओं के लिए भी प्रेरणा बना। उन्होंने संदेश दिया कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने में हर मत महत्वपूर्ण है और उम्र मतदान के संकल्प के आड़े नहीं आ सकती।

शारीरिक चुनौतियां भी नहीं रोक सकीं मतदान की राह दिव्यांग मतदाताओं ने भी मतदान के प्रति अपनी मजबूत प्रतिबद्धता का परिचय दिया। मतदान केन्द्र संख्या 28 पर 65 वर्षीय अब्दुल कादिर पैरों से दिव्यांग होने के बावजूद परिजनों के सहारे मतदान केन्द्र पहुंचे और वोट डाला।

इसी प्रकार मतदान केन्द्र संख्या 45 पर 72 वर्षीया श्रीमती पुष्पा पंवारए जिनके दोनों पैर कमजोर हैंए अपनी पोती जिज्ञासा परमार के सहयोग से व्हीलचेयर पर मतदान केन्द्र पहुंचीं और उत्साह के साथ मतदान किया। मतदान केन्द्र संख्या 27 पर श्रीमती तारादेवी भी अपने पोते रमेश के कंधे के सहारे मतदान केन्द्र पहुंचीं और मताधिकार का प्रयोग किया।

इन दिव्यांग मतदाताओं ने यह संदेश दिया कि शारीरिक चुनौतियां मतदान के अधिकार और लोकतांत्रिक जिम्मेदारी के संकल्प को कमजोर नहीं कर सकतीं।

पहली बार वोट डालकर नवमतदाताओं ने महसूस किया गर्व युवाओं और नवमतदाताओं में मतदान को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया। पहली बार मतदान करने वाले युवाओं के चेहरे पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बनने की खुशी और गर्व साफ नजर आया।

मतदान केन्द्र संख्या 45 पर 19 वर्षीया कुमारी नीतू पुत्री भवानी सिंह ने पहली बार मतदान किया। मतदान केन्द्र संख्या 8 पर 18 वर्षीया कुमारी ईशिका भूतड़ा पुत्री मुकेश कुमार ने पहली बार मताधिकार का प्रयोग कर लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी भागीदारी दर्ज कराई।

इसी प्रकार मतदान केन्द्र संख्या 27 पर 18 वर्षीया कुमारी शायना पुत्री लखन खान तथा मतदान केन्द्र संख्या 18 पर 19 वर्षीया कुमारी अंजली पुत्री अशोक प्रजापत ने भी पहली बार मतदान किया।

नवमतदाताओं ने मतदान को अपने लिए गौरव का क्षण बताते हुए लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी की अनुभूति की।

मातृशक्ति ने भी उत्साह के साथ निभाई जिम्मेदारी मतदान केन्द्रों पर महिलाओं की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही। महिलाएं उत्साह के साथ मतदान केन्द्र पहुंचीं और लंबी कतारों में अपनी बारी का इंतजार करते हुए मतदान किया। अनेक महिलाएं पारंपरिक एवं आकर्षक परिधानों में मतदान केन्द्र पहुंचीं और पूरे उत्साह के साथ अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

व्हीलचेयर सुविधा से बुजुर्गों एवं दिव्यांगजनों को मिली बड़ी राहत जिला निर्वाचन विभाग की ओर से मतदान केन्द्रों पर दिव्यांगजनों एवं बुजुर्ग मतदाताओं की सुविधा के लिए व्हीलचेयर की व्यवस्था की गई थी। इससे ऐसे मतदाताओं को मतदान केन्द्र तक पहुंचने में काफी सुविधा मिली।

व्हील चेयर की सुविधा के कारण बुजुर्ग एवं दिव्यांग मतदाता सहजता से मतदान केन्द्र तक पहुंच सके और बिना किसी परेशानी के अपने मताधिकार का प्रयोग कर पाए। सुविधा का लाभ लेने वाले मतदाताओं एवं उनके परिजनों ने निर्वाचन विभाग की व्यवस्थाओं के प्रति आभार भी व्यक्त किया।

जैसलमेर में मतदान का यह उत्साह लोकतंत्र की उस खूबसूरत तस्वीर को सामने लायाए जहां बुजुर्गों का अनुभवए दिव्यांगजनों का संकल्पए महिलाओं का उत्साह और युवाओं की ऊर्जा एक साथ लोकतंत्र की मजबूती का संदेश देती नजर आई।