जैसलमेर । राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जैसलमेर ललित पुरोहित द्वारा जिला कारागृह का साप्ताहिक निरीक्षण किया गया तथा कारागृह में निरूद्ध बंदियों को NALSA SPRUHA (Supporting potential and Resillience of the Unseen, Held-back and Affected) Scheme, 2025 नवीन योजना के बारे में जानकारी प्रदान की गई, जिसमें कारागृह में निरूद्ध बंदियों से बात-चीत करते हुए बंदियों की समस्या को सुना गया तथा समाधान के लिए निर्देश प्रदान किये गए।
इस योजना के उद्देश्यों के बारे में जानकारी देते हुए बताया सचिव ने बताया कि कारागृहों में निरूद्ध ऐसे बंदियों जिनके आश्रितों को कानूनी, सामाजिक, मनोवैज्ञानिक सहायता की आवश्यकता हो तथा उनको समग्र पुनर्वास प्रदान करना, आश्रितों को शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और आजीविका में निरंतरता सुनिश्चित करना तथा कारागृह में बंद व्यक्तियों के परिवारों के अधिकारों और जरूरतों के बारे में जागरूकता बढ़ाना हैं।
उन्होंने बताया कि जेल में बंदियों से मुलाकात के लिए आने वाले उनके परिजनों की सहायता के लिए राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा मुलाकात से न्याय तक के नाम से हैल्प डेस्क तथा विधिक सहायता हेतु प्रिजन लीगल एड क्लिनिक स्थापित किए गए हैं।
लीगल एड डिफेंस काउंसिल के माध्यम से बंदियों को सतत् विधिक सलाह एवं सहायता प्रदान की जा रही है। ऐसा कोई भी बंदी जो फीस के अभाव में अधिवक्ता की सेवाएं नहीं ले पा रहा हो तो उनकी लीगल एड डिफेंस काउंसिल के माध्यम से निःशुल्क पैरवी की जाती है।