सर पदमपत सिंघानिया विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी)
एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के संयुक्त तत्वावधान में 2
सितंबर 2026 को शिक्षक दिवस समारोह का आयोजन किया गया। शिक्षकों के योगदान के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करने तथा शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच आत्मीय संबंधों को उत्सव के रूप में मनाने के उद्देश्य से आयोजित यह समारोह उत्साह, उमंग और सौहार्द से परिपूर्ण रहा। समारोह में विश्वविद्यालय के शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत में शिक्षक दिवस के रूप में मनाई जाने वाली डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर उनके जीवन एवं योगदान पर विशेष परिचर्चा के साथ हुआ। इसके पश्चात विभिन्न मनोरंजक एवं रचनात्मक गतिविधियों और प्रस्तुतियों का आयोजन किया गया। शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने गायन एवं काव्य-पाठ सहित विभिन्न सांगीतिक एवं रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से समारोह में गर्मजोशी और जीवंतता का संचार किया। ‘फोटो पहचानो’
चुनौती एवं ‘म्यूजिकल क्विज’
जैसी मनोरंजक गतिविधियों ने भी सभी में उत्साह और सौहार्द की भावना को और मजबूत किया।
समारोह को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के माननीय प्रेसिडेंट डॉ. संजय सिन्हा, FRSA ने शिक्षक की भूमिका को मित्र,
दार्शनिक एवं मार्गदर्शक के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान प्रदान करने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि विद्यार्थियों के मार्गदर्शन,
उनके मूल्यों के निर्माण तथा उनके व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक विकास की दिशा तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
समारोह में म्यूजिकल चेयर प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। महिला वर्ग में डॉ. पूनम सैनी विजेता रहीं,
जबकि सुश्री दिशा शर्मा उपविजेता रहीं। पुरुष वर्ग में प्रेसिडेंट डॉ. संजय सिन्हा विजेता तथा प्रो प्रेसिडेंट प्रो.
प्रसून चक्रवर्ती उपविजेता रहे।
समारोह के दौरान विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए तथा सभी शिक्षकगण को सम्मान एवं सराहना के प्रतीक स्वरूप उपहार भेंट किए गए। कार्यक्रम का समन्वय विद्यार्थियों द्वारा प्रो. डी.एस. चौहान, डिप्टी डीन, स्टूडेंट वेलफेयर तथा प्रो. मनीष दाधीच के मार्गदर्शन में किया गया।
समारोह का समापन हर्षोल्लास और आत्मीयता के वातावरण में हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय समुदाय ने ज्ञान, मूल्यों एवं विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने में शिक्षकों की अमूल्य भूमिका के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की।