जैसलमेर । कृषि विभाग द्वारा जैसलमेर जिले में जिला स्तरीय उर्वरक (खाद) विक्रेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक सह-प्रशिक्षण कार्यशाला फ्रेमवर्क फोर फर्टीलाइजर का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधार एग्रीस्टैक आईडी ¼Aadhaar Agristack ID½ के माध्यम से सुगमता से खाद वितरित करने और इसके प्रति विक्रेताओं को जागरूक करना था।

               बैठक में उपस्थित महावीर प्रसाद छींपा संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार एवं कृषि अधिकारियों ने जिले के समस्त विक्रेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा कृषि व्यवस्था को पारदर्शी और सुलभ बनाने के लिए डिजिटल तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी कड़ी में आधार एग्रीस्टैक आईडी प्रणाली के जरिए खाद वितरण प्रक्रिया को जोड़ा गया है, जिससे वास्तविक किसानों तक उर्वरक की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके और कालाबाजारी को रोका जा सके।

               विक्रेताओं को आधार एग्रीस्टैक आईडी पोर्टल और पीओएस ¼POS½ मशीन का सही ढंग से उपयोग करने के लिए तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया। एग्रीस्टैक आईडी के माध्यम से किसान के भूमि विवरण एवं फसल अनुसार खाद की आवश्यकतानुसार किसान खरीद सकेगा। इस नई व्यवस्था से उर्वरक वितरण प्रणाली में अधिक पारदर्शिता आएगी तथा किसानों को बिना किसी परेशानी के उनकी आवश्यकतानुसार खाद उपलब्ध हो सकेगी।

              कृषि विभाग के अधिकारियों ने सभी विक्रेताओं को सख्त निर्देश दिए कि वे निर्धारित नियमों के तहत ही उर्वरकों की बिक्री करें और प्रत्येक किसान को एग्रीस्टैक आईडी के माध्यम से खाद देना सुनिश्चित करें। बैठक के अंत में विक्रेताओं की समस्याओं का समाधान भी किया गया।