जैसलमेर । माननीय उच्चतम न्यायालय नई दिल्ली, द्वारा सुओ मोटो रिट याचिका श्मामलाः फलोदी दुर्घटना बनाम नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया और अन्य’’ में पारित आदेश में प्रदत्त निर्देशों की पालना में व माननीय राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार, अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में ललित पुरोहित, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जैसलमेर द्वारा लग्जरी बसों का औचक निरीक्षण किया गया।

         इस निरीक्षण का मूल उद्देश्य सड़क दुर्घटनओं में कमी लाना और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना। जोधपुर-बाड़मेर बाईपास के पास लग्जरी और स्लीपर कोच बसों की संघन जांच की गई। जांच के दौरान बसों में सुरक्षा मानकों, परमिट, फिटनेस सर्टिफिकेट, अग्निशमन यंत्रों और यात्रियों के लिए तय नियमों की गहनता से जांच की गई। जांच के दौरान छ बसों में कमियां पाई गई। बसों में इमरजंेसी गेट सही स्थान व सही स्थिति में नहीं पाए गए, जिस पर परिवहन अधिकारी द्वारा कार्यवाही की गई।

         कार्रवाई के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ललित पुरोहित, तहसीलदार राजेन्द्र करण, आरटीओ इंस्पेक्टर अनिल कुमार मौजूद रहे। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दिशा-निर्देश दिए गए कि यात्रियों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया गया जाएगा। जिलें में इस प्रकार के औचक निरीक्षण अभियान निरंतर जारी रहेंगे, ताकि यातायात नियमों की पालना सुनिश्चित की जा सके और यात्रियों को सुरक्षित सफर मिल सके।